Uncategorized

अनुमति से ज्यादा 49 पेड़ काटने के मामले में आत्मानंद स्कूल बतौली की प्रिंसिपल सस्पेंड

स्वामी आत्मानंद स्कूल बतौली के परिसर में अनुमति से ज्यादा पेड़ काटने के मामले में प्रिंसिपल को सस्पेंड कर दिया गया है। आरोप है कि पेड़ काटने के बाद पूरी राशि शासन के खाते में जमा नहीं कराई गई। स्कूल परिसर से 26 पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी, लेकिन 49 पेड़ काट दिए गए। मामले की शिकायत के बाद सरगुजा डीईओ ने जांच कराई। जांच में पेड़ काटने और राशि जमा कराने में अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रिंसिपल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई।

जानकारी के मुताबिक, बतौली के आत्मानंद स्कूल परिसर में बालक छात्रावास बनाने के लिए 26 पेड़ काटने की अनुमति प्रिंसिपल ने सीतापुर एसडीएम से ली थी। आरोप है कि इसके बाद प्रिंसिपल ने अनुमति से ज्यादा पेड़ कटवा दिए और उनकी लकड़ी भी बेच दी।

शिकायत मिलने के बाद सरगुजा डीईओ दिनेश कुमार झा ने मामले की जांच कराई। डीईओ दिनेश कुमार झा के निर्देश पर बीईओ बतौली शरत चंद्र मेसपाल ने मामले की जांच की। जांच में स्कूल परिसर में कुल 49 पेड़ काटे जाने की बात सामने आई। मौके पर इन पेड़ों के ठूंठ भी मिले।

इनमें 21 नीलगिरी, 3 अरकेशिया और 2 बकेन के पेड़ शामिल थे। बाकी 23 पेड़ शीशम के बताए गए हैं। जांच के मुताबिक, प्रिंसिपल ने काटी गई लकड़ी बेचने की जिम्मेदारी स्कूल के शिक्षक दिनेश सिंह को दी थी। शिक्षक ने लकड़ी बेचकर 4 लाख 9 हजार रुपए मिलने की जानकारी दी। वहीं, जांच में लकड़ी की अनुमानित कीमत 10 लाख रुपए से ज्यादा बताई गई।

इस राशि में से 19 जनवरी 2026 को 2 लाख 29 हजार 881 रुपए शासन के खाते में सामान्य शिक्षा एवं अन्य प्राप्तियां मद में जमा किए गए थे। बीईओ ने मामले में वन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त जांच कराने की सिफारिश की थी।

जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ दिनेश कुमार झा ने स्कूल की प्रिंसिपल प्रसन्ना केरकेट्टा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। प्रिंसिपल के जवाब के बाद मामला स्कूल शिक्षा विभाग, रायपुर भेजा गया।

मामले में कार्रवाई करते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने प्रिंसिपल प्रसन्ना केरकेट्टा को सस्पेंड कर दिया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय जेडी कार्यालय, अंबिकापुर रहेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button