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छत्तीसगढ़ में हेल्थ सेक्रेटरी के नाम पर ठगी का मामला सामने आने के बाद सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में ठगों का बोलबाला हो गया है और सरकार उन्हें संरक्षण दे रही है। जानकारी के मुताबिक, अज्ञात ठगों ने खुद को स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा अधिकारी बताते हुए हेल्थ सेक्रेटरी के नाम का इस्तेमाल किया और लोगों से पैसे ऐंठने की कोशिश की। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि इस तरह की गतिविधियों को लेकर हेल्थ सेक्रेटरी पहले ही पुलिस को पत्र लिखकर आगाह कर चुके थे, बावजूद इसके ठग सक्रिय रहे। कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जब प्रदेश के शीर्ष अधिकारियों के नाम पर ही ठगी होने लगे, तो आम जनता की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि राज्य में बढ़ते साइबर अपराध और ठगी के नेटवर्क का संकेत है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार अपराध नियंत्रण में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि ठग खुलेआम लोगों को निशाना बना रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती थी। बीजेपी नेताओं से अधिकृत टिप्पणाी नहीं वहीं, सरकार और बीजेपी नेताओं की ओर से अभी तक इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ठगों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आधिकारिक जांच या शिकायत की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत ही होती है। किसी भी संदिग्ध कॉल या पैसों की मांग आने पर तत्काल स्थानीय पुलिस या विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।
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