![]()
ऐतिहासिक कुंवरगढ़ महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी लोक कला, संगीत और हास्य का आकर्षक संगम देखने को मिला। रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच दर्शकों की भारी उपस्थिति रही। कार्यक्रम ने जहां एक ओर मनोरंजन किया, वहीं स्थानीय संस्कृति की झलक भी प्रभावी रूप से सामने आई। कार्यक्रम की शुरुआत गायक विवेक शर्मा की प्रस्तुति से हुई, जिन्होंने अपने लोकप्रिय गीतों से माहौल में ऊर्जा भर दी। इसके बाद गरिमा दिवाकर ने भक्ति और लोक संगीत की प्रस्तुति देकर वातावरण को भावपूर्ण बनाया। वहीं उभरती कलाकार चम्पा निषाद ने भी अपने गीतों से दर्शकों का मन मोह लिया।
सांस्कृतिक संध्या में हास्य कलाकार पप्पू चंद्राकर ने भी अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने दैनिक जीवन से जुड़े विषयों पर हल्के-फुल्के अंदाज में व्यंग्य प्रस्तुत कर दर्शकों को हंसने पर मजबूर कर दिया। महोत्सव के तीसरे और अंतिम दिन भी विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें अनुराग शर्मा, छाया चंद्राकर, कंचन जोशी, शैलेश साव और रेखा जलक्षत्ररी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। महोत्सव के माध्यम से क्षेत्रीय कला और परंपराओं को मंच मिल रहा है, वहीं बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इसे सफल बना रही है।
<
