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भिलाई के नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 खम्हरिया में बुधवार सुबह से ही भारी हंगामा देखने को मिला। पीडब्ल्यूडी द्वारा सड़क चौड़ीकरण के लिए की जा रही तोड़फोड़ की कार्यवाही का विरोध करते हुए सैकड़ों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना और रहने की वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ही बेघर किया जा रहा है। दरअसल खम्हरिया वार्ड में पीडब्ल्यूडी की ओर से सड़क चौड़ीकरण का काम प्रस्तावित है। इस काम के पहले चरण में सड़क के दोनों किनारों पर आरसीसी नाली का निर्माण किया जाना है। नाली निर्माण के लिए विभाग ने जो सीमा रेखा तय की है, उसकी जद में क्षेत्र के लगभग 50 से ज्यादा घर आ रहे हैं। सोमवार को जब पीडब्ल्यूडी की टीम बुलडोजर लेकर इन घरों को गिराने पहुंची, तो हंगामा और बढ़ गया। सड़कों पर बैठ गए वार्डवासी
जैसे ही घरों पर बुलडोजर चलना शुरू हुआ, क्षेत्र की महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में वहां जमा हो गए। लोगों ने अधिकारियों से गुहार लगाई कि वे उनके आशियाने न उजाड़ें, लेकिन जब कार्यवाही नहीं रुकी तो नाराज लोगों ने सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वे विकास के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उनके रहने का कोई इंतजाम किए बिना उनके घर तोड़ना सरासर गलत है। कांग्रेस ने दिया समर्थन, जिला अध्यक्ष मौके पर पहुंचे
इस विरोध प्रदर्शन की खबर मिलते ही शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के बीच बैठकर उनकी मांगों का समर्थन किया। मुकेश चंद्राकर ने प्रशासनिक कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभी बच्चों की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे समय में परिवारों को बेघर करना मानवीय नजरिए से बिल्कुल गलत है। अगर सड़क चौड़ी करना जरूरी है, तो पहले उन लोगों को दूसरी जगह मकान या जमीन देनी चाहिए जिनके घर तोड़े जा रहे हैं। बिना विस्थापन के इस तरह की कार्यवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 15 दिन कार्रवाई न करने पर बनी सहमति
वार्ड के निवासी अमनजीत साहू ने बताया कि जिला प्रशासन और विभाग की ओर से 15 दिनों कार्रवाई न करने की बात पर सहमति बनी है। इस दौरान सभी अपने दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा लोगों ने स्थानीय विधायक से 1 रुपए में आवास दिलाने की मांग की है। इधर सड़क पर चक्काजाम होने की वजह से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने की कोशिश की। काफी देर तक चले हंगामे और कांग्रेस नेताओं के हस्तक्षेप के बाद पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने फिलहाल तोड़फोड़ की कार्यवाही को रोक दिया है। कलेक्टर और आयुक्त से मिलेंगे प्रभावित लोग
मामले को शांत कराने के लिए अब यह तय हुआ है कि प्रभावित लोगों के रहने की व्यवस्था के संबंध में जिला कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त से मुलाकात की जाएगी। अधिकारियों और प्रतिनिधियों के बीच होने वाली इस चर्चा में ही आगे का रास्ता निकाला जाएगा।
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