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छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर राज्यसभा में आवाज उठाई गई। सांसद फूलोदेवी नेताम ने शून्यकाल के दौरान प्रदेश में नई रेल लाइन और ट्रेनों की मांग रखी। उन्होंने पेंड्रा रोड-अमरकंटक-डिंडोरी-मंडला-घंसौर-लखनादौन-गोटेगांव (श्रीधाम) नई रेल लाइन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के आदिवासी एवं पिछड़े क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही अमरकंटक-नर्मदा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और इटारसी के जरिए दिल्ली-मुंबई से सीधा संपर्क मजबूत होगा। सांसद ने बिलासपुर को CTCE Plan-2030 में शामिल करने की भी मांग की। इसके अलावा रायपुर-सिकंदराबाद (12771/72) और नागपुर-मुंबई दुरंतो (12290) ट्रेन का विस्तार बिलासपुर तक करने की बात कही। कोरबा को लेकर भी उन्होंने कई मांगें रखीं। इसमें कोरबा स्टेशन पर तैयार पिटलाइन को जल्द शुरू करने, कोरबा-बीकानेर एक्सप्रेस का संचालन शुरू करने और कोरबा से नई दिल्ली के बीच सीधी ट्रेन चलाने की मांग शामिल है। नेताम ने कहा कि ये सभी योजनाएं लंबे समय से लंबित हैं। इन्हें पूरा करने से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिल सकेगी।
पिछले दिनों उठाया था चिकित्सकों की कमी का मुद्दा सांसद फूलोदेवी नेताम ने हाल ही में राज्यसभा के शून्यकाल में AIIMS Raipur में चिकित्सकों और स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया था। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज नहीं मिलना, इलाज न मिलने के बराबर है। रायपुर एम्स में गंभीर मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि संस्थान में 305 डॉक्टरों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन केवल 190 डॉक्टर ही कार्यरत हैं, जबकि 115 पद खाली हैं। सबसे ज्यादा कमी कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी और सर्जरी विभाग में है। वहीं, नर्सिंग, तकनीकी और प्रशासनिक स्टाफ के 3,884 पदों के मुकाबले 2,387 कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जबकि 1,497 पद खाली हैं। नेताम ने कहा कि स्टाफ की कमी के कारण ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं और ऑपरेशन व जांच में देरी हो रही है। कई बार गंभीर मरीजों को बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण भर्ती तक नहीं किया जाता। उन्होंने मांग की कि एम्स रायपुर में डॉक्टरों और स्टाफ के खाली पद जल्द भरे जाएं और बेड की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके।
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