राजनांदगांव जिला अस्पताल में डिलीवरी से पहले मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत, परिवार ने लगाया लापरवाही का आरोप


छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिला अस्पताल में डिलीवरी से ठीक पहले मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिवार वालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मंगलवार को परिवार ने मामले की शिकायत SP और कलेक्टर से की।
मृतिका की सास ने आरोप लगाया कि नॉर्मल डिलीवरी कराने में डॉक्टरों ने लापरवाही की, जबकि परिवार ने ऑपरेशन करने को कहा था। परिजनों का आरोप है कि महिला को ऑपरेशन थिएटर ले जाने से पहले इंजेक्शन दिया गया था। इसके बाद उसकी मौत हो गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराए बिना घर ले जाने के लिए दबाव बनाया गया।
इधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला के इलाज में कोई कमी नहीं रखी गई और उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है। वहीं, परिजनों ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, घटना 1 सितंबर की है। खैरागढ़ के लालपुर में रहने वाली माधुरी सिन्हा (27) को डिलीवरी के लिए 30 अगस्त को जिला अस्पताल के मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में एडमिट किया गया था। 1 सितंबर की शाम करीब 5 बजे माधुरी सिन्हा को ऑपरेशन थिएटर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान महिला को अचानक झटका आया और उसकी मौत हो गई। गर्भ में पल रहे बच्चे ने भी दम तोड़ दिया।
मृतिका की सास राही सिन्हा ने कहा कि जब बहू को चेकअप के लिए लेकर गए तो डॉक्टरों ने सब सही बताया। नॉर्मल डिलीवरी के चक्कर में डॉक्टरों ने लापरवाही की और मेरी बहू की मौत हो गई। उसके 2 और बच्चे हैं, उनके सिर से मां का साया चला गया। परिवार वालों ने ऑपरेशन की बात कही थी, लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान ही नहीं दिया। जिला अस्पताल में अच्छे डॉक्टर नहीं होने से कई और जानें जा सकती हैं।
माधुरी सिन्हा के परिवार वालों का आरोप है कि डिलीवरी से पहले तक डॉक्टरों ने बच्चे के उलटे होने या और किसी परेशानी की जानकारी नहीं दी थी। ऑपरेशन थिएटर ले जाने से पहले उसको इंजेक्शन लगाया गया था। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और मौत हो गई। यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराए बिना घर ले जाने के लिए दबाव बनाया गया।
मंगलवार को मृतका के पति अजय सिन्हा ने मामले की शिकायत कलेक्टर और एसपी से की। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले में जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र प्रसाद ने लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि महिला के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरती गई। महिला के पहले दो बच्चे सामान्य प्रसव से हुए थे। इसलिए इस बार भी सामान्य डिलीवरी की संभावना थी।
इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सूरजपुर जिला अस्पताल में डिलीवरी से पहले मां-बच्चे की मौत: पति बोला- गलत इंजेक्शन दिया, डॉक्टर ने कहा- सांस नली में उल्टी फंसी। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला अस्पताल में डिलीवरी से पहले गर्भवती महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो गई। परिवार वालों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया और CMHO ऑफिस के बाहर में हंगामा कर दिया।



