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भास्कर न्यूज | बेमेतरा जिले में गर्मी की शुरुआत के साथ ही गंभीर पेयजल और निस्तारी संकट के संकेत मिलने लगे हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है और आकलन के अनुसार अब नदी में केवल 15 दिनों के लिए ही पानी शेष रह गया है। वहीं शहर में भूजल स्तर 300 से 350 फीट नीचे पहुंच चुका है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका है। नगर पालिका द्वारा वर्तमान में लगभग 250 पावर पंपों के माध्यम से शहरवासियों को पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। इनमें से 100 से अधिक पंपों में जलस्तर गिरने के कारण अतिरिक्त पाइप डालकर किसी तरह सप्लाई जारी रखी गई है, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। शहर के वार्ड क्रमांक 01, 02, 12, 14, 15 और 18 में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था की तैयारी, वार्डों में सूखे बोर गर्मी के शुरुआती दौर में ही वार्ड क्रमांक 13, 14, 15, 16 और 17 में नगर पालिका के कई बोर पंप पूरी तरह सूख चुके हैं। स्थिति को देखते हुए कोबिया स्थित फिल्टर प्लांट के पास दो नए बोर खनन कर 10 एचपी क्षमता के मोटर पंप लगाए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर इन्हीं के माध्यम से पानी सप्लाई करने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 08, 12, 15 और 16 में नए पावर पंप लगाए गए हैं, जबकि दो और बोर खनन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल प्रभारी देवेंद्र बनाफर की टीम द्वारा हाल ही में शिवनाथ नदी से बिना अनुमति सिंचाई के लिए पानी खींचने वाले पंपों पर जब्ती कार्रवाई भी की गई है। आगे भी कार्रवाई जा रहेगी। 156 गांवों की पेयजल योजना पर गहराया संकट शिवनाथ नदी पर आधारित सामूहिक पेयजल योजना के तहत जिले के 156 गांवों को फिल्टर पानी की सप्लाई की जाती है। नदी के सूखने की स्थिति में यह सप्लाई पूरी तरह बंद हो जाएगी। पिछले वर्ष भी नदी सूखने के बाद करीब दो महीने तक ग्रामीण क्षेत्रों में पानी आपूर्ति बाधित रही थी। एक ओर जहां तापमान बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर बिना अनुमति बड़े पैमाने पर सिंचाई पंपों से पानी निकाला जा रहा है, जिससे नदी का जलस्तर और तेजी से घट रहा है। पिछले वर्ष तांदुला और मोगरा जलाशय से पानी छोड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन रास्ते में बने एनीकट के कारण पानी फिल्टर प्लांट तक नहीं पहुंच पाया। इस वर्ष अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
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