![]()
कोरबा में एनटीपीसी प्लांट के ठेका मजदूरों ने बुधवार को काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। बड़ी संख्या में मजदूर गेट नंबर-2 पर एकत्रित हुए और अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन से एनटीपीसी प्रबंधन भी सकते में आ गया। एनटीपीसी में कार्यरत अलग-अलग कंपनियों के ठेका मजदूर एक साथ आंदोलन में उतरे हैं, उनकी मुख्य मांगों में 8 घंटे की निर्धारित ड्यूटी के बाद अतिरिक्त काम के लिए ओवरटाइम (ओटी) का भुगतान और केंद्र सरकार की ओर से तय मानदेय के अनुसार वेतन सुनिश्चित करना शामिल है। पुलिस और प्रबंधन के हस्तक्षेप के बावजूद नहीं बनी सहमति कुछ अन्य सुविधाएं भी उनकी मांगों का हिस्सा है। स्थिति को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद कुछ मजदूरों को गेट के अंदर बुलाकर बातचीत की गई, लेकिन अधिकांश श्रमिक काम पर लौटने के लिए तैयार नहीं हुए। मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान मजदूरों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। ठेका मजदूरों ने पेमेंट स्लिप और एसपीसी रेट की मांग को लेकर किसान सभा के नेतृत्व में गेवरा महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने गेट के बाहर नारेबाजी भी की। NTPC और SECL में बढ़ा श्रमिक आंदोलन यह आंदोलन कुछ दिनों पहले पावर प्लांट और बालको पावर प्लांट में हुए ठेका मजदूरों की हड़ताल के बाद सामने आया है। उन आंदोलनों को समझाइश के बाद समाप्त कर दिया गया था। अब एनटीपीसी और एसईसीएल में श्रमिकों का आंदोलन प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी कर रहा है।
<
