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केरोसिन वितरण, गैस सिलेंडर की उपलब्धता और बुजुर्गों की पेंशन जैसे मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपनी मांगें रखीं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में केरोसिन (मिट्टी तेल) वितरण व्यवस्था बंद होने के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर की कमी और कालाबाजारी की स्थिति भी बनी हुई है। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार द्वारा शहर के केवल दो पेट्रोल पंपों से मिट्टी तेल वितरण का फैसला व्यवहारिक नहीं है। कांग्रेस ने मांग की कि पहले की तरह राशन दुकानों के माध्यम से ही केरोसिन का वितरण फिर से शुरू किया जाए। प्रदर्शन के दौरान वृद्धावस्था पेंशन, निशक्तजन और विधवा पेंशन नहीं मिलने की शिकायतों को भी उठाया गया। कांग्रेस ने मांग की कि पात्र हितग्राहियों को समय पर पेंशन दी जाए और लंबित मामलों का जल्द निराकरण किया जाए। कलेक्ट्रेट पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। केंद्र सरकार ने लिया है केरोसिन वितरण का फैसला केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंप पर भी केरोसिन मिल सकेगा। अब सरकारी तेल कंपनियां तय किए गए पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन रख और बांट सकेंगी। हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां यह सुविधा दी जाएगी। इन पेट्रोल पंपों पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन रखा जा सकेगा। सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके। सरकार ने ये फैसला अमेरिका-इजराइल के ईरान संघर्ष के कारण लिया गया है। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की कमी है। केंद्र सरकार लगातार मौजूदा हालात पर चिंता जता रही है।
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