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राजधानी में असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कालचक्र’ चलाया। इस व्यापक अभियान में नॉर्थ और वेस्ट जोन पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में वारंटियों की धरपकड़, बदमाशों की परेड और विभिन्न धाराओं में सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अभियान का मुख्य उद्देश्य अपराधों पर नियंत्रण, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना है। इस दौरान अलग-अलग थानों की टीमों का गठन कर संवेदनशील इलाकों में औचक रेड की गई। वारंटियों पर बड़ी कार्रवाई पश्चिम जोन पुलिस ने दो दिनों की सघन कार्रवाई में 45 वारंट (18 स्थायी और 27 गिरफ्तारी) तामिल किए। वहीं, नॉर्थ जोन में लंबे समय से फरार चल रहे 14 स्थायी, 41 गिरफ्तारी और 37 जमानती वारंटों को निष्पादित किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। 60 बदमाशों की परेड, सख्त हिदायत अभियान के दौरान चाकूबाजों, निगरानी बदमाशों, गुंडा तत्वों और संदिग्ध व्यक्तियों को चिन्हित कर कुल 60 लोगों को थाने में बुलाकर उनकी परेड कराई गई। पुलिस ने सभी को सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आर्म्स और आबकारी एक्ट में कार्रवाई ऑपरेशन के तहत 3 आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं, 1 आरोपी को अवैध रूप से देशी शराब रखने पर आबकारी एक्ट के तहत पकड़ा गया। इसके अलावा 20 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की गई। फरार मामलों का भी हुआ निपटारा अभियान के दौरान ऐसे 14 प्रकरणों का भी निष्पादन किया गया, जिनमें आरोपी लंबे समय से फरार थे। इससे लंबित मामलों के निराकरण में भी पुलिस को सफलता मिली है। अधिकारियों की निगरानी में चला अभियान यह अभियान पुलिस उपायुक्त पश्चिम जोन संदीप कुमार पटेल और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा के पर्यवेक्षण में चला। वहीं, नॉर्थ जोन में पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और अन्य अधिकारियों ने कार्रवाई का नेतृत्व किया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि अपराधियों में कानून का भय बना रहे और आम जनता सुरक्षित महसूस कर सके।
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