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सरकारी गाइडलाइन के अनुसार 20 नवंबर से जमीनों की सरकारी दर बढ़ने के कारण पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री की संख्या कम हो गई है। दाम दोगुने से ज्यादा होने के कारण पहले से हुए सौदे निरस्त हो रहे हैं। शादी सीजन में पैसों की जरूरत वाले किसानों की रजिस्ट्री नहीं हो रही उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा। रियल स्टेट कारोबार से जुड़े बिल्डर्स, ब्रोकर्स, स्टांप वेंडरों एवं अर्जी नवीस, टाइपिस्ट का काम प्रभावित है। रजिस्ट्री कार्यालय तक दस्तावेज नहीं पहुंच रहे और इस समय वहां सन्नाटा पसरा हुआ है।
सरकारी गाइड लाइन के हिसाब से जमीन और रजिस्ट्री की सरकारी दर बढ़ने के कारण जिले में जमीनों की रजिस्ट्रियों की संख्या लगभग आधी हो गई। आम दिनों में जहां पहले रोज और औसत 20 रजिस्ट्री होती थी। वहीं अब पंजीयक कार्यालय रजिस्ट्री संख्या आधी और उससे भी कम हो गई है। पंजीयक विभाग के अफसर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ने और वर्तमान में 15 रजिस्ट्री होने का दावा कर रहे हैं। खासकर मध्यम वर्गीय परिवारों की मुसीबत बढ़ी है। उनकी जमीन नहीं बिक रही और कीमत बढ़ने से विक्रेता को क्रेता नहीं मिल रहे हैं। इसमें बदलाव की मांग पर विगत दिनों आम लोगों के साथ ब्रोकर्स और इस कारोबार से जुड़े लोगों ने विधानसभा अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा था। अब स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री का ज्यादा दाम देना होगा।
8 साल के बाद 40 से 60 फीसदी तक दाम बढ़ाया राज्य शासन स्तर से करीब 8 साल बाद 40 से 60 फीसदी तक जमीनों का दाम बढ़ाया गया है। खासकर शहरी क्षेत्र की जमीनें महंगी हो गई। ग्रामीण इलाकों में प्रति एकड़ कृषि भूमि खरीदने करीब 75 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे। शहर में जमीनों की कीमत आसमान छू रही है। नई गाइडलाइन के अनुसार दरों को सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं किया गया वहीं दूसरी तकनीकी दिक्कतों की वजह से रजिस्ट्री नहीं हो रही।
अब शहर के बीच मानव मंदिर चौक की जमीन सबसे महंगी 72 हजार वर्ग मीटर नई दर के अनुसार शहर में 50 फीसदी और गांवों में 100 फीसदी दाम हो गया। शहर में मानव मंदिर चौक की जमीन 72 हजार वर्ग मीटर तक पहुंच गई है। इसी तरह शहर के बीच जमीनों का लगभग यहीं सरकारी दाम है। ग्रामीण इलाकों में शहर से लगे गांवों में नेशनल हाइवे, स्टेट हाईवे, बाइपास से लगे गांव फरहद, पनेका बांकल, कन्हारपुरी, गठुला, बोरी में प्रति एकड़ का दाम लगभग प्रति हैक्टेयर 1.90 लाख रुपए हो गया इसे प्रति एकड़ में खरीदने पर 76 लाख रुपए कीमत होगी। कीमत बढ़ने के विक्रेताओं ने सौदा निरस्त कर दिया। 20 नवंबर को रजिस्ट्री शून्य रही जबकि इसके बाद इसमें थोड़ी तेजी आने का दावा कर रहे। लेकिन कार्यालय में सन्नाटा है।
राजनांदगांव शहर के वार्डों में कीमत में इस तरह की बढ़ोतरी कर दी गई सरकारी गाइडलाइन के अनुसार वार्ड 1 से 4 तक पहले 3200 से 3600 वर्ग मीटर दाम था अब 4500 हो गया। वार्ड 5 से 10 तक 3400 से 9500 तक पहले दाम था। अब 4500 से 18 हजार तक पहुंच गया। वार्ड 11 से 20 तक पहले 4800 से 61 हजार रेट था। वहां अब 15 हजार से 72 हजार दाम पहुंच गया। वार्ड 21 से 30 तक पहले 13 हजार से 65 हजार दाम था। अब 24 से 72 हजार है। वार्ड 31 से 40 में पहले पहले 8500 से 65 हजार था अब 18 हजार से 72 हजार पहुंच गया। वार्ड 41 से 51 में पहले 3200 से 30 हजार था वहीं अब 18 हजार से 36 हजार दाम हो गया है।
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