बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में इन दिनों कड़ाके की शीतलहर का प्रकोप जारी है। 8 जनवरी की रात जिले के अलग-अलग हिस्सों में तापमान एक से दो डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
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कुसमी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रामानुजगंज और बलरामपुर के ग्रामीण इलाकों में यह दो डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यहां घर के बाहर खड़ी कार और पैरावट में ओस की बूंदे जम रही है।

बाहर खड़ी कार में जमीं ओस की बूंद।
पैरावट में जमी बर्फ
भीषण ठंड के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में इसका स्पष्ट असर देखा गया। घरों के बाहर रखे पैरावट (घास-फूस) और रामानुजगंज क्षेत्र में खड़े वाहनों पर बर्फ की पतली चादर जम गई।
सुबह घरों से बाहर निकलने पर लोगों ने जमी हुई बर्फ देखकर शीतलहर की गंभीरता का अनुभव किया।
जरुरी काम से ही बाहर निकल रहे लोग
कड़ाके की ठंड के चलते सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकले और ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े, अलाव तथा हीटर का उपयोग करते दिखे।
बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को इस ठंड से विशेष परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की गई है, जहां लोग ठंड से राहत पाने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं।
धूप से राहत लेकिन ठंडी हवा जारी
हालांकि, सुबह धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली। धूप के बाद जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा और बाजारों व चौराहों पर चहल-पहल बढ़ी। हालांकि, ठंडी हवाओं का असर दिनभर बना रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी ठंड का असर जारी रहने की संभावना है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने, अत्यधिक ठंड में बाहर निकलने से बचने और गर्म कपड़ों का उपयोग करने की अपील की है।
शीतलहर के इस दौर में सतर्कता को ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय बताया गया है।
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