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केंद्र और राज्य सरकार बस्तर में मिशन 2026 चला रही है। इस मिशन में फोर्सेस को अब तक खासी सफलता मिली है और नक्सलियों के प्रमुख डिवीजन और एरिया कमेटी करीब-करीब खत्म होने की कगार पर पहुंच चुके हैं, लेकिन नक्सलियों के साउथ डिवीजन में अभी भी कुछ हथियारबंद
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नक्सलियों के साउथ डिवीजन में बड़ा हिस्सा बीजापुर जिले और इसके सरहदी इलाके का आता है। ऐसे में अब फोर्स का पूरा फोकस इसी इलाके में रहेगा। पुलिस सूत्रों की मानें तो अबूझमाड़ में नक्सलियों का बेस तबाह करने के बाद नक्सलियों के पास अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बचा है।
जिस अंदाज में फोर्स ने अबूझमाड़ में बड़े ऑपरेशन लांच किए और नक्सलियों को न्यूटल किया उसी अंदाज में अब बीजापुर में भी फोर्स ऑपरेशन लांच करने जा रही है। बीजापुर में मिशन 2026 का आखिरी और फायनल ऑपरेशन लांच होगा। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि अभी नक्सलियों के 120 से लेकर 150 तक हथियार बंद लड़ाके इलाके मे सक्रिय है। हम इनसे कह रहे है कि ये सरेंडर कर दे यदि ऐसा नहीं होता है तो फोर्स फिर अपने स्टाइल से इनसे निपटेगी।
देवजी के आते ही नक्सल मुक्त बस्तर की घोषणा संभव नक्सलियों के ज्यादातर बड़े लीडर या तो सरेंडर कर चुके है या फिर एनकाउंटर मे मारे गए है। हाल ही में आंध्रप्रदेश मे हुई मुठभेड़ के बाद नक्सलियों का सबसे बड़ा चेहरा हिड़मा भी मारा गया। इसके बाद अब नक्सल संगठन का शीर्ष नेता और महासचिव देव जी अकेला बच गया है।
देवजी को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं है। कुछ लोग कह रहे है कि देवजी ने आंध्रप्रदेश मे सरेंडर कर दिया है और वक्त आने पर उनका सरेंडर पुलिस दिखाएगी। कुछ चर्चाएं है कि देवजी के एनकाउंटर की तैयारी है जिस अंदाज मे हिड़मा मारा गया उसी अंदाज मे किसी मुठभेड़ मे देवजी भी मारा जा सकता है।
इधर सूत्र बता रहे है कि नक्सल संगठन मे सबसे बड़ा नेता देवजी ही अब शेष है ऐसे में जिस देव जी का सरेंडर होगा या वो एनकाउंटर मे मारा जाएगा उसी दिन सरकार बस्तर के नक्सल मुक्त होने की घोषणा कर सकती है। सूत्र बता रहे है कि देवी को लेकर सरकार और फोर्स के अफसरों के बीच मे मंथन चल रहा है।
एमएमसी जोन का ट्राइएंगल क्षेत्र अब नक्सल-मुक्त होने की दिशा में: इधर महाराष्ट्र में नक्सली संगठन सीपीआई (माओवादी) के प्रमुख नेता अनंत उर्फ विकास नागपुरे उर्फ विनोद राधास्वामी ने 11 साथियों समेत सरेंडर कर दिया। 25 लाख के इनामी इस नक्सली के सरेंडर से एमएमसी जोन (महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़) का ट्राइंगल नक्सल-मुक्त घोषित होने की कगार पर है। नक्सलियों का शहरी नेटवर्क और कई ऐसी जानकारियां महाराष्ट्र पुलिस के हाथ लग सकती हैं, जो अबतक एजेंसियों और पुलिस के लिए बड़ी पहेलियां थीं।
टेक्निकल प्रमुख प्रताप, रानू थी महिला कमांडर नक्सलियों की टेक्निकल टीम का प्रमुख प्रताप था वह हथियार निर्माण में माहिर था, जबकि महिला विंग कमांडर रानू ने महिलाओं की सशक्त इकाई गढ़ी थी, जो सुरक्षाबलों के लिए चुनौती बनी हुई थी।
24 घंटे पहले 1 जनवरी को सरेंडर की घोषणा गौरतलब है कि अनंत ने एक सरेंडर के 24 घंटे पहले ही तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चिट्ठी लिखकर कहा था कि एक जनवरी तक वो सरेंडर कर देंगे तब तक ऑपरेशन न चलाया जाए।
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