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सिटी रिपोर्टर| बिलासपुर प्रजापिता ब्रह्मकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर की मुख्य शाखा टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित राजयोग भवन में विद्यार्थियों के लिए एक विशेष प्रेरणात्मक सत्र हुआ। इसमें सेवाकेन्द्र संचालिका बीके स्वाति मुख्य वक्ता रहीं। उन्हो
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यह वह नशा है जो जीवन को ऊंचाइयों तक ले जाता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है और व्यक्ति को सार्थक लक्ष्य प्रदान करता है। पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि आत्म-विकास का सबसे सुंदर माध्यम समझना चाहिए। बीके स्वाति ने कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई से प्रेम और लगन हो तो कोई विषय कठिन नहीं लगता। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि चरित्र, व्यवहार और संपूर्ण व्यक्तित्व को आकार देती है। विद्यार्थी जीवन एक अमूल्य अवसर है, जिसमें जीवन की दिशा और दृष्टि दोनों निर्धारित होती हैं, इसलिए पढ़ाई के प्रति गंभीरता व नियमितता आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अनुशासन केवल समय पर उठने, पढ़ने या विद्यालय जाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह जीवन की पूरी व्यवस्था को सुगठित करता है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जीवन भी एक विद्यार्थी जीवन की तरह है, जिसमें प्रतिदिन कुछ नया सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर मिलता है। सत्र के समापन पर विषय आधारित छोटी परीक्षा हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने आत्म विश्लेषण किया। इसके बाद उपस्थितजनों को प्रसाद वितरण किया गया। बीके स्वाति ने कहा कि शिक्षक केवल विषय नहीं पढ़ाते, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। जो विद्यार्थी अपने शिक्षक का आदर करता है, वह ज्ञान का वास्तविक वरदान पाता है। विद्यालयों में दंड नहीं, बल्कि समय का मूल्य समझाने का प्रयास किया जाता है। परीक्षा को जीवन का स्वाभाविक व आवश्यक हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि परीक्षा से डरना नहीं चाहिए।
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