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राज्य में एसआईआर का फील्ड वर्क लगभग पूरा हो गया है। अब दावा आपत्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अलबत्ता करीब डेढ़ माह से एसआईआर में जुटे मैदानी अमले को अब जनगणना के कार्य में लगाया जाएगा। 2011 की जनगणना के दौरान फील्ड के अमले को 8-10 पेज का प्रोफार्मा
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फील्ड में जनगणना को लेकर कागज पर किसी तरह का कोई काम नहीं किया जाएगा। सबकुछ ऑन लाइन होगा। इस प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी या तकनीकी दिक्कत तो नहीं है? इसका परीक्षण करने राजधानी सहित राज्य के कई शहरों में प्री जनगणना टेस्ट कराया जा रहा है। रायपुर में इसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अफसरों के अनुसार प्रारंभिक जांच के दौरान किसी तरह की कोई गंभीर या बड़ी तकनीकी दिक्कत सामने नहीं आई है। इस वजह से ये माना जा रहा है कि प्री जनगणना के फार्मेट में ही काम शुरू किया जाएगा। अगले साल यानी अप्रैल 2026 से जनगणना-2027 का काम शुरू कर दिया जाएगा।
2011 तक जनगणना का फार्मेट लगभग पुराने पैटर्न पर था। इस बार इसमें पूरी तरह से बदलाव किया जा रहा है। पिछली जनगणना तक 28 से 30 बिंदुओं की जानकारी लेने के लिए एक-एक घर में आठ से दस पेज का एक प्रोमार्मा भरना पड़ता था। इस बार जनणना पूरी तरह डिजिटली होगी।
यानी मोबाइल एप और आनलाइन वेबसाइट के माध्यम से जनगणना होगी। प्रगणकों को उनके मोबाइल में एक एप डाउनडोल कराया जाएगा। उस एप में वे लोगों की पूरी जानकारी लेंगे और उसी समय अपलोड करेंगे। इससे पहले जहां एक व्यक्ति की जानकारी भरने में 15 से 20 मिनट का वक्त लगता था, वह आधे से भी कम समय में पूरा हो जाएगा।
पहले चरण में गिनेंगे केवल मकान जनगणना का काम दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में हर शहर और गांव के एक-एक घर की गिनती की जाएगी। दूसरे चरण में मैदानी टीम घर-घर जाकर हर घर के एक-एक सदस्य की जानकारी लेंगे। 2011 की जनगणना के मुताबिक प्रदेश की जनसंख्या 2.55 करोड़ है। मकानों की गिनती के पूर्व राज्य सरकार को राज्य, जिला, नगरीय निकायों के लिए जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी। जनगणना में लगने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
वार्ड 52 में की गई प्री जनगणना केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और जनगणना निदेशालय के निर्देश पर रायपुर नगर निगम के जोन-10 के डॉ. राजेन्द्र प्रसाद वार्ड (क्रमांक 52) को प्री टेस्ट जनगणना (पूर्व परीक्षण) के लिए चुना गया है। जनगणना निदेशालय के अधिकारी हीरेन्द्र सिंहा के नेतृत्व में जोन-10 की जनगणना पूर्व गणना हुई। नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर वार्ड के 8000 मकानों की पहले लिस्टिंग की गई। फिर इन मकानों में रहने वाले करीब 28 हजार लोगों की जनगणऩा की गई।
जनगणना में इस तरह की जानकारी पूछी जाएगी
मकान मालिक का नाम और पारिवार के सदस्यों जानकारी नाम, लिंग, आयु, जन्मतिथि और जन्मस्थान। {आर्थिक और शैक्षणिक जानकारी, व्यवसाय, शिक्षा का स्तर, साक्षरता राष्ट्रीयता। {घर का पता, रहने की अवधि। मकान कच्चा है या पक्का। कमरों की संख्या, बिजली है या नहीं। {शौचालय, खाना पकाने गैस में बनाते हैं या चूल्हें में। {टीवी, टेलीफोन, कंप्यूटर, मोबाइल, वाहन जैसी संपत्ति है या नहीं: यह पूरी तरह से डिजिटल होगी।
एसआईआर के फील्ड वर्क का आज आखिरी दिन छत्तीसगढ़ में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के फील्ड वर्क का आज आखिरी दिन है। एसआईआर प्रोग्राम के तहत घर-घर जाकर लोगों से गणना प्रपत्र भरने और उन्हें निर्वाचन आयोग में जमा करने के फील्ड वर्क 11 दिसंबर को खत्म हो जाएगा।
इसके बाद बीएलओ, बीएलए समेत इस काम में लगे अधिकारियों-कर्मचारियों का फील्ड वर्क खत्म हो जाएगा। तीन महीने के रेस्ट के बाद शुरू होने वाली जनगणना में शिक्षा, राजस्व, नगरीय निकाय, जिला प्रशासन और राज्य शासन के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी लगेगी। एसआईआर में काम करने वाले बीएलओ और बीएलए को जनगणना में भी फील्ड वर्क करना होगा।
सीएस को लिखी चिट्ठी जनगणना की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके लिए मुख्य सचिवों को पत्र लिखा गया है। जनगणना अधिकारियों की नियुक्ति के बाद अधिकारियों और जनगणना प्रक्रिया से जुड़े सभी लोगों का प्रशिक्षण होगा। इसके बाद अगले साल अप्रैल से जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। कार्तिकेय गोयल, निदेशक जनगणना छग
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