केंद्रीय एजेंसी ने पूरे देश के लिए अवैध मादक पदार्थों का रेट तय कर दिया है। इनमें 25 तरह की ड्रग्स शामिल हैं। कीमत तय करने के पहले कई देशों और राज्यों में बिकने वाले ड्रग्स का अध्ययन किया गया है। इसी के आधार पर नई रेट लिस्ट तैयार की गई। खास तौर पर ज्
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अब देश में सभी एजेंसियां निर्धारित कीमत के आधार पर ही जब्ती बनाएंगी। एजेंसी ने मादक पदार्थों की सूची सभी एजेंसियों के साथ साझा कर दी है। एनसीबी के एक अधिकारी के मुताबिक ऐसा करने की पीछे की सबसे बड़ी वजह यह है कि कोई भी तस्कर मादक पदार्थ बेचकर 10 गुना से ज्यादा रकम कमाने की कोशिश करता है। लेकिन आमतौर पर जब उसे पकड़ा जाता है तो वह खरीदी मूल्य बताता है।
25 अवैध मादक पदार्थों का रेट तय: केंद्रीय एजेंसी ने जिन ड्रग्स की सूची तैयार की है, उनमें एटीएस, एसिडिक एनहाइड्राइड, कोकीन, गांजा, हेरोइन, हशीश, अफीम, मेथाक्वालो, मॉर्फिन, खसखस का भूसा, इफेड्रिन, केटामाइन, एमडीएमए, एलएसडी, हाईड्रोवीड, हशीश आयल, टैबलेट, सीरप समेत अन्य ड्रग्स जिनका उपयोग नशे के लिए किया जाता है।
इन पदार्थों का जब्त करने के दौरान एक जैसी कीमत लिखना होगा। मसलन गांजा को जब्त करने के दौरान उसकी कीमत 50 हजार रुपए प्रति किलो ग्राम लिखना होगा। इसी तरह हेरोन की कीमत 2 करोड़, अफीम 5 लाख, कोकीन 5 करोड़ रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से जब्त की जाएगी।
आदेश के पहले 10 हजार रुपए लिखी गई कीमत सिंतबर में खुर्सीपार पुलिस ने मछली मार्केट के पास से महिला तस्कर शीतल रात्रे से गांजा जब्त किया। जांच में गांजे के वजन 1 किलो 30 ग्राम मिला। जिसकी कीमत पुलिस ने 10 हजार रुपए खिखी।
आदेश के बाद 50 हजार रुपए किलोग्राम में जब्ती अंडा पुलिस ने 22 नवंबर को रिसामा रेलवे स्टेशन के पास से तस्कर शखील बाग के पास से 9.668 किलो गांजा जब्त किया। इस बार गांजे का रेट 50 हजार प्रति किलो के हिसाब से 4.86 लाख रुपए से 5 लाख बताया।
तस्करों की संपत्ति के मूल्यांकन में होगी आसानी: पुलिस अधिकारी ने बताया कि मादक पदार्थों का एक जैसा मूल्यांकन करने के कई तरह की समस्या का समाधान हो गया है। पहला- एक जैसी कीमत पर पूरे देश में मादक पदार्थों को जब्त किया जाएगा। दूसरी- तस्करों की संपत्ति का मूल्यांकन करना भी आसान हो जाएगा। इससे सफेमा कोर्ट में कार्रवाई में भी मदद मिलेगी। कई बार तस्करों की संपत्ति का मूल्यांकन कम होने से सीजिंग के लिए सफेमा कोर्ट में प्रकरण नहीं भेज पाते थे।

जब्ती में आसानी, पर ये इनाम का आधार नहीं प्रतिबंधित टैबलेट की कीमत 400 रुपए प्रति टैबलेट तय की गई हैं। एनसीबी के एक अधिकारी ने भास्कर को बताया कि अवैध ड्रग्स या प्रतिबंधित दवाओं के मूल्य निर्धारण के लिए आधिकारिक मानक नहीं है। इसलिए सटीक मूल्य निर्धारित नहीं किया जा सकता है। इन दरों को किसी भी परिस्थिति में इनाम या अन्य किसी भी वित्तीय हकदारी के दावों के आधार के रूप में नहीं माना जाएगा।
केंद्रीय एजेंसी का एक निर्धारित फार्मेट है। ड्रग्स से जुड़े रेट की नई सूची आई है, जिसे सभी जिलों को भेज दिया गया। इसी के आधार पर ड्रग्स जब्त करने के बाद कीमत लिखने का निर्देश भी है। साथ में समय-समय पर अच्छी कार्रवाई करने वालों की एक फार्मेट में जानकारी भी मंगवाई जाती रही है। जिससे इनाम भी दिया जा सके। – अजय यादव,पूर्व एएनटीएफ चीफ
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