मेयर इन काउंसिल की बैठक गुरुवार देर शाम महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता और आयुक्त विश्वदीप समेत सभी MIC मेंबर और निगम अधिकारियों के उपस्थिति में हुई।
रायपुर नगर पालिक निगम की मेयर इन काउंसिल की बैठक गुरुवार देर शाम महापौर मीनल चौबे की अध्यक्षता और आयुक्त विश्वदीप समेत सभी MIC मेंबर और निगम अधिकारियों के उपस्थिति में हुई। जिसमे रायपुर शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन निर्णय
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इन 10 बड़े फैसलों पर हुईं चर्चा
1. मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत खालसा स्कूल के सामने से हटाए गए 69 दुकानदारों को क्रिस्टल आर्केड के सामने दुकान निर्माण कर व्यवस्थित रूप से बसाने का निर्णय लिया गया है। दुकान निर्माण पूर्ण होने के बाद जिला आबंटन समिति के माध्यम से दुकानों का आबंटन किया जायेगा। 2. रायपुर शहर के 6 प्रमुख मार्गों को नो-फ्लेक्स जोन घोषित किया गया है, जहा अवैध फ्लेक्स, बैनर व पोस्टर पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे जिससे शहर स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित रहेगा एवं उल्लंघन की स्थिति में अनाधिकृत विज्ञापनों को तत्काल हटाने, जुर्माना लगाने एवं हटाने का खर्च संबंधित विज्ञापनकर्ता से वसूला जायेगा। इसे संबंधित जोन के जोन आयुक्त की जिम्मेदारी होगी। इन क्षेत्रों में केवल शासकीय विज्ञापनों को छूट प्रदान की गई है।

प्रमुख मार्गों के नामः-
1) जी.ई. रोड अंतर्गत टाटीबंध चौक से जयस्तंभ चौक होते हुए तेलीबांधा थाना मुख्य मार्ग।
2 ) पचपेडी नाका चौक से लालपुर ओवरब्रिज तक।
3) भगत सिंह चौक से छत्तीसगढ़ क्लब होते हुए केनाल रोड सिग्नल तक एवं मुख्यमंत्री निवास सिविल लाइन के आसपास ।
4) एन.आई.टी. रायपुर से गोल चौक होते हुए रायपुरा चौक तक।
5) जयस्तंभ चौक से कोतवाली चौक होते हुए बिजली ऑफिस चौक तक।
6) महिला थाना चौक से बूढ़ेश्वर मंदिर चौक तक।
3. रायपुर शहर की प्रमुख सड़कों के डिवाईडर और विज्ञापन संरचनाएं शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था से सीधे जुड़ी हैं। इनका नियमित सफाई, पेंटिंग और हरियाली का रख-रखाव बहुत आवश्यक है। सीमित संसाधनों को देखते हुए यह जिम्मेदारी संबंधित विज्ञापन एजेंसियों को दी जा रही है। इससे रख-रखाव समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होगा। अवैध पोस्टर और अव्यवस्था पर भी प्रभावी नियंत्रण रहेगा।
4. देश में हुए हालिया घटनाक्रम को देखते हुए रायपुर शहर के तेजी से विस्तार और बढ़ती जनसंख्या के साथ जल आपूर्ति को देखते हुए जल बोर्ड के गठन का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में अलग-अलग जोन और वार्डों में जल वितरण, पाइप लाइन विस्तार एवं जल गुणवत्ता से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान में व्यवहारिक कठिनाइयों आ रही हैं। इन्हीं समस्याओं के स्थायी और प्रभावी समाधान के लिए नगर निगम द्वारा एक समर्पित जल बोर्ड का गठन किया जा रहा है।
5. इंफ्रास्ट्रक्चर फंड से वामनराव लाखे वार्ड क्र.66 (रिंग रोड क्र.01, कुशालपुर) में पाईप लाईन पुशिंग काम की राशि रूपये 165.06 लाख की स्वीकृति दी गई। कुशालपुर क्षेत्र में पूर्व में लगातार जलभराव की स्थिति निर्मित होती रही है, जिससे नागरिकों को आवागमन एवं जनजीवन में असुविधा होती थी। उक्त समस्या के स्थायी समाधान एवं वर्षों के दौरान जलनिकासी सुनिश्चित करने हेतु पाईप लाईन पुशिंग कार्य आवश्यक है। इस कार्य से क्षेत्र में जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
6. वार्ड 51 अंतर्गत विधायक कॉलोनी से अविनाश वन होते हुए एन.एच.-53 तक नाला निर्माण कार्य हेतु रूपये 1.94 करोड की स्वीकृति दी गई है। इसी क्रम में लाभाण्डी गांव से छोकरा नाला तक नाला निर्माण कार्य की भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन दोनों कार्यों से क्षेत्र की जलभराव एवं जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान होगा। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाएंगे।
7. नगर निगम रायपुर के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित माइलस्टोन पूर्ण करने पर रायपुर नगर निगम को 15 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है। यह उपलब्धि शहर में 85 प्रतिशत से अधिक जल आपूर्ति कवरेज सुनिश्चित करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है यह प्रोत्साहन राशि शहर के जल प्रबंधन स्वच्छता और आधारभूत संरचना को और मजबूत करने के लिए खर्च की जाएगी।
8) ड्रोन आधारित प्रॉपर्टी टैक्स मैपिंग कार्य शहर में ड्रोन तकनीक से संपत्तियों का डिजिटल सर्वे एवं मैपिंग किया जाएगा जिसकी लागत राशि 5.80 करोड़ होगी। इससे कर प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी, कर चोरी रुकेगी और नगर निगम के राजस्व में वृद्धि होगी।
9. रायपुर विकास योजना के अंतर्गत्त रायपुर के 18 प्रमुख रोड जंक्शनों का विकास किया जा रहा है, जिसकी लागत लगभग रूपये 10 करोड़ है। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और आम नागरिकों को तेज व सुरक्षित आवागमन मिलेगा। जंक्शनों के सुधार से शहर की सुंदरता बढ़ेगी और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलेगी। निविदा न्यूनतम दर पर स्वीकृत होने से निगम को आर्थिक लाभ भी हुआ है।
10. 15वें वित्त आयोग अंतर्गत वायु गुणवत्ता सुधार के तहत कुल 2 प्रकरणों में शहर एवं ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के मार्गों पर बी.टी. टॉपिंग, पैच रिपेयर, सड़क चौड़ीकरण, बी.टी. रिन्यूअल एवं ड्रेनेज कार्य हेतु 1.80 करोड़ रूपये एवं 2.16 करोड़ रूपये की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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