बलौदाबाजार में प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बुधवार को अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने केंद्र और राज्य की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा विकास कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारना आवश्यक है और लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी मंत्री जायसवाल ने शिक्षा अधिकारियों और सीएमएचओ को स्कूलों व अस्पतालों का नियमित दौरा कर कमियां दूर करने के निर्देश दिए।
नई योजना ‘वीबी-जी राम जी’ की दी जानकारी
बैठक में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी और SP भावना गुप्ता भी उपस्थित थे। प्रभारी मंत्री ने ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के प्रस्ताव तैयार करवाने तथा नगरीय निकायों में सड़क, पानी, बिजली, नाली और सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा।
प्रभारी मंत्री ने नई योजना ‘वीबी-जी राम जी’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना से ग्रामीणों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा और भुगतान एक सप्ताह के भीतर किया जाएगा। योजना में तकनीक के उपयोग से पारदर्शिता और कम समय में कार्य सुनिश्चित होंगे।

रकबे का संशोधन करने के आदेश
धान खरीदी की समीक्षा करते हुए मंत्री ने उपार्जन केंद्रों से धान के उठाव में तेजी लाने, खरीदी सीमा बढ़ाने और छूटे किसानों के रकबे का संशोधन करने के आदेश दिए।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के दौरान, मंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना में किस्त जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू न होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को एक माह के भीतर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग को टीबी और सिकल सेल मरीजों की शत-प्रतिशत स्क्रीनिंग करने तथा सरकारी अस्पतालों से मरीजों को अनावश्यक रूप से निजी अस्पतालों में न भेजने के निर्देश दिए गए।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आरआई और पटवारियों को संवेदनशीलता से काम करने और शिकायतें मिलने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी भी उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया
स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इंटिग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब (IPHL) को भारत सरकार के नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस कार्यक्रम (NQAS) के तहत क्वालिटी सर्टिफिकेट मिलने पर बधाई दी।
मंत्री जायसवाल ने जिला अस्पताल में स्थित डायलिसिस सेंटर, मातृ शिशु अस्पताल और फिजियोथेरेपी सेंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य का हालचाल जाना।

अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने को कहा
स्वास्थ्य मंत्री ने जिले में संस्थागत प्रसव में हुई बढ़ोतरी की सराहना की। उन्होंने 50 बिस्तर वाले मातृ शिशु अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इसके अलावा स्वास्थ्य मंत्री ने मुरुम तालाब के पास एक इंटीग्रेटेड यूनिट के निर्माण की बात कही। इस यूनिट में योग, नेचुरोपैथी और आयुर्वेद चिकित्सा पद्धतियों से इलाज की व्यवस्था के साथ-साथ सियान क्लिनिक जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में प्रतिमाह 450 से अधिक प्रसव हो रहे हैं, जिनमें से 200 सिजेरियन प्रसव शामिल हैं। इसके अलावा, यहां प्रतिमाह लगभग 300 डायलिसिस सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कलेक्टर दीपक सोनी, सीएमएचओ डॉ. राजेश कुमार अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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