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प्रणेश सिंह/ भूपेश केशरवानी की रिपोर्ट
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शहर के प्रमुख सड़कों पर यातायात सुगम हो, इसलिए अलग-अलग इलाकों में कवर्ड हाट-बाजार बनाए जा रहे हैं। इससे सड़क किनारे पसरा नहीं लगेगा और जाम की स्थिति निर्मित नहीं होगी। लेकिन भाठागांव मुख्य मार्ग पर 1 करोड़ 29 लाख रुपए की लागत से बने सुव्यवस्थित हाट-बाजार खाली पड़ा है।
ऐसा इसलिए क्योंकि सुव्यवस्थित हाट-बाजार को मंडी बोर्ड ने अब तक निगम को हैंडओवर नहीं किया है। इसके चलते सब्जी पसरा लगाने वाले छोटे व्यापारी को इसका आवंटन नहीं हो पाया है और वे सड़क पर पसरा लगाने मजबूर हैं। इसके चलते इस इलाके में सुबह और शाम दोनों ही समय भारी जाम का सामना लोगों को करना पड़ता है।
दिनभर उड़ती है धूल, हादसे का भी खतरा बता दें कि भाठागांव मुख्य मार्ग जर्जर हालत में है। इसका निर्माण कार्य भी किया जाना है और अभी नाली निर्माण का काम चल रहा है। अंतरराज्यीय बस स्टैंड होने के कारण यहां लगातार भारी वाहनों की आवाजाही होती है, जिसके कारण दिनभर धूल उड़ती है। ऐसे में यहां बैठकर सब्जी बेचने वालों की सेहत पर असर पड़ रहा है। भारी वाहनों की आवाजाही और जाम की स्थिति में सड़क किनारे दुकान लगाने वालों पर हादसे का खतरा भी बना रहता है।
दुकान ही नहीं मिली सड़क किनारे दुकानें लगाने वाले ओमकार सोनकर ने बताया कि आवेदन और अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली। दुकान ही नहीं मिल रही है, कमाई और घर चलाने के लिए सड़क पर बैठना मजबूरी है।
अनुमति मिलेगी, तब जाएंगे सब्जी दुकान लगाने वाले युवक कान्हा कहते हैं कि आज हमें दुकान मिले तो सभी वहां कल से दुकान लगा लेंगे। कम से कम धूल, बारिश और धूप से तो राहत मिलेगी।
दिसंबर के पहले पखवाड़े से करेंगे शुरुआत इस संबंध में जोन क्रं. 6 के कमिश्नर हितेंद्र यादव ने बताया कि मंडी बोर्ड ने इसका निर्माण कराया है। वहां से अभी तक हैंडओवर की फाइल नहीं मिली है। इसके लिए बातचीत हुई भी है और हम जल्द ही सड़कों पर लगने वाले पसरे को व्यवस्थित तरीके से हाट-बाजार में संचालित करेंगे। इसके लिए हमारी तैयारी हो गई है। दिसंबर के पहले पखवाड़े तक इसे वहां शिफ्ट करेंगे।
बाजार पसरा के लिए 442 आवेदन मिले बता दें कि 1.29 करोड़ से इसे मंडी बोर्ड ने तैयार किया है। इसका उद्घाटन अक्टूबर माह के पहले पखवाड़े में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया था। जानकारी के अनुसार यहां सब्जी दुकान के लिए निगम प्रशासन के पास कुल 442 आवेदन आए थे। इसमें से लगभग 350 सत्यापित दुकानदारों के लिए बाजार में दुकान की नाप-जोख भी हो गई है। वहीं लगभग 100 आवेदन ऐसे हैं, जो एक ही परिवार से दिए गए थे।
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