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छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोक परंपरा और ग्रामीण संस्कृति के प्रतीक मड़ई मेले का आयोजन ग्राम अर्जुनी में हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर शामिल हुईं।
सभा को संबोधित करते हुए तारणी ने कहा कि मड़ई मेला छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति की अनमोल धरोहर है। यह हमारी सामाजिक एकता, परंपराओं और सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत प्रतीक है। मड़ई और मेले हमारी छत्तीसगढ़ी पहचान हैं, जो आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास के साथ-साथ अपनी लोक परंपराओं को सहेजकर रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के लिए झूले, खिलौने एवं छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉल आकर्षण का केंद्र बने रहे। वहीं शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर सभापति जिला पंचायत बालोद कांति सोनेश्वरी, गुलशन साहू, पुष्पेंद्र चंद्राकर, हेमंत साहू, सतीश साहू, कुलदीप साहू, श्रीकांत वर्मा, थानसिंह मंडावी, करुणा साहू, तेजराम निषाद, जितेंद्र चंद्राकर, कमलेश चंद्राकर, सुनील चंद्राकर, पूनम साहू, नेमलाल यादव, घना साहू उपस्थित रहे।
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