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राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय मुंगेली के समक्ष प्रस्तुत एक संवेदनशील प्रकरण में पीठासीन अधिकारी के प्रयासों से पति-पत्नी के मध्य उत्पन्न मतभेदों को सफलतापूर्वक दूर किया गया और आपसी सहमति से उनका पुनर्मिलन कराकर प्रकरण का निपटारा किया गया।
प्रकरण की जानकारी के अनुसार, आवेदिका और अनावेदक के बीच विवाह से पूर्व प्रेम संबंध था। दोनों ने 23 जून 2025 को डोंगरगढ़ मंदिर में विवाह किया और दांपत्य जीवन प्रारंभ किया था। विवाह के बाद जब वे घर लौटे, तो पति ने अपने परिजनों के प्रभाव में आकर पत्नी को साथ रखने से इनकार कर दिया। इससे पीड़ित होकर पत्नी ने अपने पति के विरुद्ध भरण-पोषण का प्रकरण परिवार न्यायालय मुंगेली में प्रस्तुत किया। न्यायालय की समझाइश से बनी बात प्रकरण की सुनवाई के दौरान परिवार न्यायालय मुंगेली के पीठासीन अधिकारी राजीव कुमार द्वारा पति एवं पत्नी के मध्य परामर्श कराई गई। परामर्श के दौरान दोनों पक्षों को उनके पुराने विवादों को भुलाकर पुनः नए सिरे से दांपत्य जीवन प्रारंभ करने व पति-पत्नी के रूप में साथ रहने हेतु विस्तृत समझाइश दी गई। न्यायालय के इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया। अंततः, उभयपक्षों की सहमति से प्रकरण का निपटारा राष्ट्रीय लोक अदालत 13 दिसंबर 2025 को किया गया, और पति-पत्नी के मध्य पुनर्मिलन स्थापित हुआ।
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