कोंडागांव पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक विशेष अपराध समीक्षा बैठक की। इसमें लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, असामाजिक तत्वों पर सख्त कार्रवाई और पुलिसिंग को और अधिक सक्रिय बनाने
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बैठक में जिले के समस्त अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों का तुरंत निराकरण किया जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर शत-प्रतिशत समंस और वारंट की तामील सुनिश्चित की जाए।

एसपी ने शिकायतों पर तेज कार्रवाई के निर्देश दिए
एसपी चन्द्रा ने थाना प्रभारियों को फरियादियों से मित्रवत व्यवहार करने और उनकी शिकायतों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने अपराधों में आरोपियों को अधिकतम सजा दिलाने के लिए जिला अभियोजन अधिकारी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर विवेचना को मजबूत करने पर भी बल दिया।
बैठक के दौरान अभियोजन अधिकारियों द्वारा विवेचना की बारीकियों और साक्ष्य संकलन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं।
सामुदायिक पुलिसिंग तेज करने के दिए निर्देश
जनता और पुलिस के बीच विश्वास को और मजबूत करने के उद्देश्य से प्रत्येक थाना क्षेत्र में चलित थाना, सामुदायिक पुलिसिंग और जागरूकता अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध, एटीएम व बैंक धोखाधड़ी तथा यातायात नियमों के पालन के प्रति ग्रामीणों और आम नागरिकों को जागरूक करने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
इसके अतिरिक्त, असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने, निरंतर गश्त करने, सीमावर्ती धान खरीदी चेक पोस्ट की निगरानी और त्योहारों के दौरान चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के आदेश भी दिए गए।
उत्कृष्ट अधिकारी ‘कॉप ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से सम्मानित
बैठक के अंत में, पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ‘कॉप ऑफ द मंथ’ पुरस्कार से सम्मानित किया।
इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) फरसगांव अभिनव उपाध्याय, थाना प्रभारी विश्रामपुरी उप निरीक्षक विनोद नेताम और आरक्षक अजरंग बघेल को सम्मान मिला। इसके अतिरिक्त, विभिन्न थाना क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अन्य थाना प्रभारियों को भी प्रशस्ति पत्र दिए गए।
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