कांकेर कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर पर अभद्रता का आरोप लगा है। चारामा सरपंच संघ ने कलेक्टर पर ‘रोड़ में थोड़ी मिलूंगा…’ जैसे शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगाया। जिसके बाद सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है।
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घटना के बाद आक्रोशित सरपंच संघ कांकेर एसडीएम अरुण वर्मा से भिड़ गया। एसडीएम के समझाने के बावजूद सरपंच शांत नहीं हुए और चिल्लाने लगे। स्थिति को देखते हुए एसडीएम ने कोतवाली पुलिस को बुलाया और सरपंचों को समझाकर बाहर निकालने का निर्देश दिया।
पुलिस बुलाए जाने से सरपंच संघ का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने पहले चक्काजाम और फिर सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी। स्थिति को संभालने के लिए एसडीएम ने सरपंचों को शांत करने का प्रयास किया और तत्काल एक आपातकालीन बैठक बुलाई। इस बैठक में सरपंचों ने अपनी कई समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा।

जनदर्शन के दौरान विवाद की शुरुआत
विवाद की शुरुआत जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान हुई। चारामा सरपंच संघ के सभी सरपंच कलेक्टर से मिलने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए जनदर्शन छोड़कर चले गए।
मिलने से इनकार और अभद्र व्यवहार का आरोप
कलेक्टर को जाते देख सरपंच संघ ने रास्ते में उनसे मिलने का प्रयास किया, लेकिन कलेक्टर ने मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि कलेक्टर ने उनसे ‘रोड़ में थोड़ी मिलूंगा…’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्र व्यवहार किया।
आपात बैठक के बाद शांत हुआ मामला
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में एसडीएम की ओर से बुलाई गई आपातकालीन बैठक के बाद सरपंचों का गुस्सा शांत हुआ। बैठक में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ हरेश मंडावी और एसडीएम सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। सरपंचों ने बैठक में अपनी कई समस्याओं को विस्तार से बताया।

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