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छत्तीसगढ़ में जंबूरी को लेकर शुरू हुआ विवाद सतह पर आ गया है। तत्कालीन स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को सूचना दिए बगैर पद से हटाए जाने और कार्यक्रम का स्थान बदले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
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जंबूरी के लिए पूर्व में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय मुख्य आयुक्त की मौजूदगी में हुई बैठक में इसका आयोजन नवा रायपुर में कराए जाने का निर्णय लिया गया था, जबकि भारत स्काउट्स-गाइड्स का दावा है कि 2 जनवरी 2026 को हुई राज्य परिषद की बैठक में बालोद के दुधली में इसके आयोजन को मंजूरी दी गई थी।
वहीं, इस मामले में भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी ही पार्टी की सरकार के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अग्रवाल के मुताबिक अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति जनवरी 2024 में पांच साल के लिए की गई थी लेकिन दिसंबर 2025 में उनको सूचना दिए बगैर स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्तमान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को इसका अध्यक्ष घोषित कर दिया।
जबकि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ की ओर से जारी संक्षेपिका में कहा गया है कि यादव की अध्यक्ष पद पर नियुक्ति का अनुमोदन 2 जनवरी 2026 को राज्य परिषद की बैठक में किया गया था। वहीं बृजमोहन के मुताबिक यादव ने राज्य परिषद की बैठक के बगैर नवा रायपुर के मेला स्थल पर आयोजित होने वाले जंबूरी कार्यक्रम को रायपुर से 150 किलोमीटर दूर बालोद में स्थानांतरित कर दिया। इसी तरह गजेन्द्र यादव द्वारा 22 एवं 24 जनवरी 2019 को जमीन खरीदने के लिए दो रजिस्ट्री करवाई। ये दोनों रजिस्ट्री भारत स्काउट एंड गाइड के नाम पर है।
ये ज़मीनें 56 लाख 93 हजार और 13 लाख 7 हजार रुपए यानी कुल 70 लाख रुपए में खरीदी गई। इसी तरह राज्य स्तरीय जंबूरी आयोजनों में भी करोड़ों रुपए का व्यय किया जा चुका है। यादव ने शिक्षामंत्री पद की शपथ लेते ही अपने विभाग के जितेंद्र साहू को प्रतिनियुक्ति देकर राज्य सचिव के पद पर बिठा दिया। इसी तरह राज्य मुख्य आयुक्त डा. सोमनाथ यादव के साथ ही कोषाध्यक्ष को भी पद से हटा दिया गया।
मुझे हटाए बिना अध्यक्ष की घोषणा वैधानिक नहीं: बृजमोहन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से कहा कि वैधानिक अध्यक्ष होने के नाते विसंगतियों को हमने उठाया था। विवादों के साथ आयोजन नहीं होना चाहिए इसलिए हमारी परिषद ने इस आयोजन को स्थगित करने का निर्णय लिया था।
कोर्ट जाने के बारे में मैंने पार्टी और सरकार के वरिष्ठ लोगों को बता दिया था कि जो अध्यक्ष पद पर वैधानिक रूप से पांच साल के लिए मुझे चुना गया है और मुझे हटाए बिना सरकार ने अध्यक्ष की घोषणा की है जो वैधानिक नहीं है, यदि इस पर फैसला नहीं लिया तो मैं कोर्ट जाऊंगा। इसलिए मैंने कोर्ट में याचिका दायर की है।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स ने कहा
पांच करोड़ रुपए की स्वीकृति, शेष 5 करोड़ की राशि शासन से मांगी गई स्काउट्स-गाइड्स की ओर से कहा गया है दिल्ली से अनुमति के बाद बालोद में जंबूरी का आयोजन हो रहा है। स्काउट्स-गाइड्स की कंडिका 17 में इसके संरक्षक सीएम द्वारा अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं राज्य मुख्य आयुक्त का मनोनयन किया जाएगा। शिक्षामंत्री पदेन अध्यक्ष होंगे।
10 करोड़ में 5 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है, शेष राशि की मांग शासन से की गई है। स्काउट्स-गाइड्स की जेम पोर्टल में आईडी नहीं है। इसलिए टेंडर करने का काम बालोद डीईओ को दिया दिया। टेंडर प्रक्रिया में अफसरों की नौ सदस्यीय टीम शामिल है।
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