भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला बुधवार को जशपुर पहुंचे। यहां रणजीता स्टेडियम में ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के लगभग 10 हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्
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ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन में अपने 18 दिवसीय अंतरिक्ष प्रवास के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में जीवन पूरी तरह अनुशासन और समय-सारणी पर आधारित होता है, जहां अधिकांश समय वैज्ञानिक प्रयोगों में व्यतीत होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी।
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शुभांशु शुक्ला ने बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान में भविष्य की जानकारी दी
अपने संबोधन में उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान में भविष्य की बड़ी संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जशपुर के बच्चों में इस क्षेत्र में आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है। शुक्ला ने अपने बचपन के सीमित संसाधनों के बावजूद फाइटर पायलट से अंतरिक्ष यात्री बनने तक के सफर का उल्लेख किया और विद्यार्थियों को असफलताओं से सीख लेने की सलाह दी।

चंद्रयान, गगनयान और मिशन मंगल की लगाई गई प्रदर्शनियां
कार्यक्रम स्थल पर चंद्रयान, मिशन मंगल, गगनयान और अंतरिक्ष विज्ञान से संबंधित प्रदर्शनियां लगाई गईं। अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े वीडियो भी एलईडी स्क्रीन पर दिखाए गए। इस अवसर पर अंतरिक्ष क्विज, स्लोगन और पेंटिंग प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। ‘द मैजिक ऑफ द नाइट स्काई’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

शुभांशु शुक्ला ने ग्राउंड स्टेशन का उद्घाटन किया
इसी कड़ी में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, ग्राम घोलेंग में स्थापित ग्राउंड स्टेशन का भी शुभारंभ किया। इस ग्राउंड स्टेशन के माध्यम से विद्यार्थी सैटेलाइट ट्रैकिंग, सिग्नल भेजने-पाने, डेटा प्राप्त करने और मौसम संबंधी जानकारी को व्यावहारिक रूप से समझ सकेंगे।
विद्यालय के विद्यार्थियों देविका दीवान और तपेश्वर साय ने ग्राउंड स्टेशन की कार्यप्रणाली की जानकारी दी, जिसकी ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को प्रायोगिक शिक्षा का लाभ मिलेगा।

विद्यार्थियों से की बातचीत ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि अंतरिक्ष यात्री बनने के लिए अनुशासन, कड़ी ट्रेनिंग और धैर्य जरूरी है। उन्होंने बताया कि गगनयान मिशन भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान करने वाले देशों की सूची में शामिल करेगा।
उन्होंने मोबाइल और इंटरनेट के सही उपयोग पर भी जोर देते हुए कहा कि आज के समय में सीखने के संसाधनों की कमी नहीं है।

दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की प्रस्तुति कार्यक्रम के दौरान शासकीय दृष्टिबाधित विशेष विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने राजकीय गीत ‘अरपा पैरी की धार’ सहित अन्य गीतों की प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित लोगों ने सराहा।
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