कोरबा जिले के ग्राम पंचायत तिलकेजा के जाला मोहल्ले में इस वर्ष भी छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा के अनुरूप गौरा-गौरी पर्व का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि की कामना
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पर्व के दौरान छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कर्मा बाजा के साथ लोकनृत्य की प्रस्तुति दी गई। ढोल-मांदर और कर्मा बाजा की थाप पर ग्रामीणों ने पारंपरिक नृत्य किया, जिससे पूरे मोहल्ले में उत्साह का माहौल बना रहा। जनपद सदस्य किशन कोसले ने बताया कि इस कार्यक्रम में आसपास के चार गांवों के लोग शामिल हुए।

विधि-विधान से पूजा-पाठ के बाद गांव में रैली निकाली गई, जहां ग्रामीणों ने सभी का अभिनंदन किया। ग्रामीणों के अनुसार, इस पूजा के बाद गांव में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही, यह पूजा शादी के सीजन की शुरुआत का भी प्रतीक मानी जाती है, जिसके बाद युवक-युवतियां एक-दूसरे को देखने जाते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित जनपद सदस्य किशन कोसले ने गौरा-गौरी पर्व को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बताया। उन्होंने ग्रामीणों को पर्व की शुभकामनाएं दीं और ऐसी परंपराओं को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

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