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दुर्ग जिले में एक सड़क हादसे के मामले में 15 दिन बाद एफआईआर दर्ज की गई है। इस हादसे में 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई थी। पहले इसे दुर्घटना मानकर मर्ग कायम किया गया था, लेकिन विस्तृत जांच और चश्मदीद गवाहों के बयानों के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर की
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यह घटना जामगांव आर थाना क्षेत्र की है, जो 26 दिसंबर 2025 को हुई थी। ग्राम भैंसबोड निवासी 15 वर्षीय गौरव कुमार यादव अपने दोस्तों सौरभ चंद्राकर और वामेन्द्र चंद्राकर के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में मिट्टी भरने ग्राम रनचिरई खार गया था।
ट्रैक्टर क्रमांक CG 07 DA 7842 को नोहर साहू चला रहा था। मिट्टी भरकर वापस लौटते समय दोपहर करीब 12:30 बजे भैंसबोड से बड़े नहर रोड, सतबहनियां माता के पास यह हादसा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर ड्राइवर नोहर साहू वाहन को तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक चला रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर ट्रॉली सहित खेत में पलट गया।
ट्रैक्टर के इंजन पर बैठे सौरभ, वामेन्द्र और ड्राइवर नोहर साहू ने कूदकर अपनी जान बचा ली। हालांकि, ट्रैक्टर के पीछे बैठे गौरव यादव ट्रैक्टर के नीचे दब गया।
हादसे में गौरव के दाहिने गाल, ठुड्डी, सीने और पीठ में गंभीर चोटें आईं। परिजन और साथी उसे तुरंत शंकराचार्य अस्पताल जुनवानी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि गौरव की मौत मस्तिष्क में गंभीर चोट, अंदरूनी रक्तस्राव और सदमे की वजह से हुई, जिससे उसका दिल और शरीर का स्वायत्त तंत्र काम करना बंद कर दिया।
पहले मर्ग, अब एफआईआर-जांच के बाद बदला एंगल
घटना के बाद 27 दिसंबर 2025 को मर्ग कायम कर अकाल मृत्यु दर्ज की गई थी। प्रारंभिक तौर पर इसे दुर्घटना माना गया। लेकिन थाना जामगांव आर पुलिस द्वारा की गई विस्तृत जांच में चश्मदीद गवाहों, मृतक के पिता धर्मेन्द्र यादव और अन्य गवाहों के बयान लिए गए।
गवाहों ने स्पष्ट रूप से ट्रैक्टर ड्राइवर की तेज और लापरवाह ड्राइविंग को हादसे की वजह बताया। इसके बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि यह केवल हादसा नहीं, बल्कि ड्राइवर की घोर लापरवाही से हुई मौत का मामला है।
आज दर्ज हुई FIR, ड्राइवर पर गंभीर धाराएं
पूरी मर्ग जांच के बाद अब जाकर 9 जनवरी 2026 को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राइवर के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच में लिया है।
परिवार में मातम, न्याय की आस
15 वर्षीय गौरव यादव अपने परिवार की उम्मीद था। अचानक हुई उसकी मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही डा्रवइर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाता, तो मामला पहले दर्ज हो सकता था। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद परिवार को न्याय की उम्मीद बंधी है।
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