.
पीडीएस की दुकानों में ई-पॉश मशीन पर बच्चों और बुजुर्गों का फिंगर प्रिंट मैच नहीं होने के कारण ई-केवाईसी नहीं हो रही। दूसरा विकल्प पीडीएस संचालकों को मोबाइल पर एप के माध्यम से फेस ई-केवाईसी करने कहा गया। लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण वह भी काम नहीं आ रहा है।
राशन कार्डधारी पीडीएस में अपने और संचालकों के मोबाइल से ई-केवाईसी कराने पहुंच रहे। लेकिन दो से तीन स्टेप के बाद प्रक्रिया थम रही। इस माह भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों को पीडीएस के राशन से वंचित होना पड़ेगा। जिले में ई-केवाइसी का काम पूरा नहीं होने से दिसंबर में हितग्राहियों के राशन में कटौती हो गई। वहीं अब जनवरी में यही समस्या सामने आ रही है। खाद्य विभाग के अफसरों का कहना है कि शासन के आदेश अनुसार ई-केवाइसी कराना अनिवार्य है तभी राशन कार्ड में आवंटन पहुंचेगा। बड़ी संख्या में खासकर एपीएल कार्डधारी ई-केवाइसी कराने नहीं पहुंच रहे और जो बीपीएल कार्डधारी पहुंच रहे उन्हें सर्वर और दूसरी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अफसरों का कहना है जिले के साथ प्रदेश में सर्वर डाउन की समस्या है।
राशन में कटौती के कारण हितग्राहियों का नुकसान पीडीएस संचालकों का कहना है सर्वर डाउन होने से उनकी ई-पॉश मशीन स्लो चल रही है। सर्वर डाउन की समस्या ने हितग्राहियों को परेशान कर रखा है। फिंगर प्रिंट मैच नहीं होने से ई-केवाइसी नहीं होती। हितग्राहियों के राशन कार्ड में राशन का आवंटन नहीं पहुंचता या फिर उनके राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों की संख्या अनुसार प्रति सदस्य 7 किलोग्राम के हिसाब से राशन पहुंच रहा है। माता-पिता और एक बच्चे वाले परिवार में पहले 35 किलो तक राशन मिलता था। बच्चे की ई-केवाईसी नहीं होने पर 2 सदस्यों के लिए 20 किलो राशन मिल रहा।
जिले में लगभग एक लाख लोगों की ई-केवाईसी नहीं खाद्य अधिकारी रविन्द सोनी ने बताया जिले में राशन कार्डों की संख्या 2 लाख 61 हजार 298 है। कुल सदस्यों की संख्या 9 लाख 59 हजार 251 है। सत्यापित ई-केवाईसी की संख्या 8 लाख 59 हजार 72 जो 90 प्रतिशत है। स्वीकृति के लिए लंबित संख्या 1548 एवं 5 वर्ष की उम्र वाले बच्चों की संख्या ई-वाइसी के लिए लंबित संख्या 30 हजार 62 है। वास्तविक लंबित ई-केवाईसी 70 हजार 117 है। जिले में जनवरी 2026 के पूर्व 5 वर्ष या कम आयु में शामिल सदस्यों की संख्या 9758 है।
<
