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सोशल मीडिया के जरिए शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 13.90 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। खुर्सीपार भिलाई निवासी मनीष कुमार गजपाल (39) से अज्ञात आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग एप के माध्यम से यह रकम हड़प ली। पीड़ित
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मोबाइल पर आया लिंक, जुड़ने पर दिया झांसा पीड़ित मनीष कुमार गजपाल के अनुसार नवंबर 2025 में उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें एक लिंक भेजकर ट्रेडिंग से जुड़े ग्रुप में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया था। लिंक के जरिए वे Stock Flights D2 नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े, जिसमें कई अन्य सदस्य भी मौजूद थे। ग्रुप में लगातार ट्रेडिंग से कमाए गए मुनाफे के स्क्रीनशॉट और दावे साझा किए जा रहे थे, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने निवेश करने का निर्णय लिया।
एप इंस्टॉल करवाया गया, फिर निवेश दिसंबर 2025 में ग्रुप के निर्देश पर मनीष ने GTSS LLC नामक एप इंस्टॉल किया, जिसमें उनके निवेश और कथित मुनाफे की जानकारी दिखाई जाती थी। 16 दिसंबर 2025 को उन्होंने एक खाते में 50 हजार रुपये जमा किए। इसके बाद 18 दिसंबर को 90 हजार रुपये और डाले। शुरुआती भरोसा दिलाने के लिए उन्होंने एप से 50 हजार रुपये का एक बार विड्रॉल भी किया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें और अधिक निवेश के लिए प्रेरित किया। 31 दिसंबर 2025 को उन्होंने दो बार में कुल 3 लाख रुपये, 4 जनवरी को 1 लाख रुपये, 5 जनवरी को अलग-अलग खातों में 6 लाख रुपये और 6 जनवरी को 2.50 लाख रुपये जमा किए। इस तरह कुल 13.90 लाख रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराए गए।
पेंडिंग अमाउंट चुकाने के नाम पर बार-बार करवा रहा था रकम जमा जब पीड़ित ने राशि निकालने के लिए एप में सेल करने की कोशिश की, तो विड्रॉल नहीं हो पाया। पूछताछ करने पर ग्रुप के हेड और अन्य नंबरों से संपर्क कर बताया गया कि उन्होंने आईपीओ खरीदा है, जिसकी राशि पेंडिंग है। पेंडिंग अमाउंट चुकाए बिना सेल संभव नहीं बताया गया। बार-बार रकम जमा कराने के बावजूद पैसे नहीं मिलने पर मनीष को ठगी का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। उन्हें दो शिकायत नंबर जारी किए गए।
इधर दूसरे मामले में भी 11 लाख से ज्यादा की ठगी इस दूसरे मामले में भी शेयर ट्रेडिंग और निवेश में मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने युवक से 11 लाख 15 हजार रुपये की ठगी कर ली। मामला कोहका भिलाई क्षेत्र का है, जहां अज्ञात आरोपियों ने खुद को “ब्रड सिक्योरिटी” नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताकर व्हाट्सएप के जरिए युवक को जाल में फंसाया। पीड़ित शुभम जायसवाल (29), निवासी एलआईजी 2/2089 हाउसिंग बोर्ड ने बताया कि 20 दिसंबर 2025 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ब्रड सिक्योरिटी कंपनी से जुड़ा बताते हुए निवेश पर मोटे मुनाफे का ऑफर दिया। इसके बाद उन्हें एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करने पर QR कोड मिला।
शुरआत में दिखाया 5 हजार का मुनाफा शुरुआती भरोसा दिलाने के लिए शुभम ने अपनी मां रीता जायसवाल के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए, जिसके बदले लिंक आईडी में 5 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया और कुल 15 हजार रुपये इंडसइंड बैंक खाते में विड्रॉल भी कर दिए गए। इसके बाद आरोपियों ने लगातार निवेश के लिए प्रेरित किया। 23 दिसंबर को 6 बार में कुल 40 हजार रुपये HDFC बैंक के QR कोड के जरिए ट्रांसफर कराए गए। 26 से 30 दिसंबर के बीच इंडसइंड बैंक खाते से कई बार में 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर हुए, जबकि कुछ रकम बीच-बीच में विड्रॉल भी कराई गई। 1 जनवरी से 6 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों और QR कोड के माध्यम से कुल 6.5 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कराई गई। इस दौरान पीड़ित ने कुल 6.15 लाख रुपये विड्रॉल किए।
जीएसटी जमा करने का आया मैसेज तो हुआ शक 7 जनवरी 2026 को लिंक आईडी में करीब 16 लाख रुपये दिखने लगे। जब शुभम ने 5 लाख रुपये विड्रॉल करने की कोशिश की तो 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करने का मैसेज आया। शक होने पर उन्होंने पैसा नहीं भेजा। बाद में सर्विस सेंटर नंबर पर संपर्क करने पर एफआईआर की धमकी दी गई, जिससे ठगी का खुलासा हुआ। पीड़ित ने 7 जनवरी 2026 को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है।
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