बलौदाबाजार में प्रशासनिक आदेश को लेकर फैले भ्रम के कारण कई सहकारी समिति खरीदी केंद्रों पर विवाद और हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस भ्रम से धान खरीदी प्रक्रिया बाधित हो रही है।
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यह मामला मंडी बोर्ड की ओर से 28 अप्रैल को जारी एक आदेश से जुड़ा है। इस आदेश में मंडी प्रांगण में होने वाली खरीदी के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे। इसके अनुसार, मंडी प्रांगण में किसान केवल ट्रैक्टर से धान लाएंगे, और शेष सभी कार्य जैसे अनलोडिंग, पलटी, बोरा भरना, तौलाई और छल्ली लगाना मंडी के हमाल करेंगे।
हालांकि, इस आदेश को जानबूझकर या अनजाने में सहकारी समितियों के खरीदी केंद्रों पर भी लागू बताकर प्रचारित किया गया। इस भ्रामक सूचना के चलते कई किसान अलग-अलग समिति केंद्रों पर पहुंचकर हमालों से अपना धान ट्रैक्टर से उतरवाने, पलटी करने और बोरे भरवाने की मांग करने लगे। जब समिति कर्मचारियों ने किसानों से यह काम स्वयं करने को कहा, तो विवाद खड़ा हो गया।

आदेश का खरीदी केंद्रों से कोई संबंध नहीं
किसानों को ओर से आदेश का हवाला देकर हंगामा करने से खरीदी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न हुई और केंद्रों पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। इस उलझन को सुलझाते हुए, जिला सहकारी बैंक के पर्यवेक्षक सुरेंद्र वर्मा ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल मंडी बोर्ड के प्रांगण तक सीमित है और इसका सहकारी समितियों के खरीदी केंद्रों से कोई संबंध नहीं है।
पर्यवेक्षक वर्मा ने बताया कि किसानों को स्वयं ही अपने धान की पलटी, ढेरी लगाने और बोरे भरने का काम करना होगा। उन्होंने किसानों से किसी भी अफवाह में न आने और सहकारी समिति केंद्रों पर नियमानुसार सहयोग करने की अपील की। समिति की ओर से हमाल केवल तौलाई, सिलाई, छल्ली लगाने और बोरे पर स्टेनशील लगाने का काम करेंगे। समिति के प्राधिकृत अधिकारियों ने भी किसानों से भ्रमित न होने का आग्रह किया है।
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