डिप्टी सीएम अरुण साव रविवार को सारंगढ़ पहुंचे। उन्होंने गुरु घासीदास पुष्प वाटिका में आयोजित प्रदेश स्तरीय पत्रकार कार्यशाला में भाग लिया। इस अवसर पर सोनिया चौहान (अंतर्राष्ट्रीय कराटे विजेता), पुलिस निरीक्षक टीकाराम खटकर, राज्य स्तरीय सम्मानित शिक्षक
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आयोजक समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश प्रताप परिहार, उपाध्यक्ष नितिन सिन्हा और गोविंद शर्मा ने डिप्टी सीएम से पत्रकार सुरक्षा कानून में सुधार कर उसे लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह उन पत्रकारों के लिए महत्वपूर्ण है जो पत्रकारिता का औपचारिक कोर्स नहीं कर पाए। उन्होंने पत्रकारिता को कठिन परिश्रम का क्षेत्र बताया।
डिप्टी सीएम ने पत्रकारिता जगत में तेजी से आए बदलावों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के दौर में पत्रकारों के सामने लगातार बढ़ती चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर जल्द पोस्ट करने की होड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक गलत खबर किसी व्यक्ति के सम्मान को खत्म कर सकती है।

पत्रकार भवन के लिए अनुदान की घोषणा
डिप्टी सीएम ने सारंगढ़ में पत्रकार भवन के लिए 25 लाख रुपए और समिति के लिए 1 लाख रुपए की स्वेच्छा अनुदान राशि देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि एक वकील को जिस प्रकार से सभी विषयों का ज्ञान रखना पड़ता है। अपने मुकदमे की पैरवी के लिए। चोट, हत्या के लिए चिकित्सा का ज्ञान नहीं होगा, भवन निर्माण के लिए इंजीनियरिंग की जानकारी नहीं होगी तो भवन के मामले में ऐसे मामलों की पैरवी भी नहीं कर सकते।
पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग
प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी, उनके कार्यशैली की जानकारी यह सब जरुरी होता है। ठीक वैसे ही जरूरत होता है पत्रकारों के लिए। अच्छी पत्रकारिता करना है तो वृहद ज्ञान की आवश्यकता है, सारे सिस्टम, पद्धति, इलाज इंजीनियरिंग, मूल्यांकन यदि सबका ज्ञान होना चाहिए तभी आप अच्छी पत्रकारिता कर सकते हैं। पत्रकारिता के दौरान जो कठिनाइयां होती है इसलिए सुरक्षा कानून की मांग की गई है।
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