राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष डॉ राज शेखावत ने कहा कि थाने में हमारी बेटी के कपड़े फाड़े गए।
सूदखोरी, जबरन वसूली और दहशत फैलाने के केस में 5 महीने से फरार वीरेंद्र सिंह तोमर को रायपुर पुलिस ने 9 नवंबर को ग्वालियर से अरेस्ट किया था। इसके बाद वीरेंद्र सिंह तोमर का जुलूस निकाला गया। जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना के सं
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फेसबुक लाइव आकर शेखावत ने सरकार को चुनौती दी कि 7 दिसंबर तक अगर तोमर के परिवार को न्याय नहीं मिलता तो पूरा क्षत्रिय समाज राजधानी रायपुर में आंदोलन करेगा। पूरे मसले पर दैनिक भास्कर ने डॉक्टर राज शेखावत से बातचीत की।
तोमर बन्धुओं पर लगे आरोप पर उन्होंने कहा, न्याय प्रक्रिया के तहत तोमर पर कोई कार्रवाई होती तो समस्या नहीं थी। उसका जिस तरह से जुलूस निकाला गया, वह गलत था। बेहोश होने के बाद भी उसे जबरन घसीटने की कोशिश हुई।
खुद पर हुई FIR पर शेखावत ने कहा था कि 19 नवंबर को वो छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं। पुलिस गिरफ्तार कर सकती है तो कर ले। पुलिस वालों ने तोमर के घर की महिलाओं के साथ थाने में बदतमीजी की है। हमारी बेटी के कपड़े फाड़े गए।
शेखावत ने आशंका जताई कि रोहित तोमर का एनकाउंटर हो सकता है। उन्होंने कहा कि मामले को रफा-दफा करने BJP सांसद ने 5 करोड़ मांगे थे। पैसे नहीं देने पर वीरेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ टारगेटेड कार्रवाई की जा रही है।पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

राष्ट्रीय क्षत्रिय करणी सेना के अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत से बातचीत।
सवाल: आपके संगठन का उद्देश्य क्या है?
जवाब: क्षत्रिय करणी सेना की स्थापना देशभर के क्षत्रियों को एक मंच पर लाने और उन्हें संगठित करने के उद्देश्य से हुई है। ऐसे में हमारी पहली प्राथमिकता ही क्षत्रियों के हितों की रक्षा करना है।
सवाल: जब आपका उद्देश्य हितों की रक्षा करना है तो उनके पक्ष में कैसे खड़े हो सकते हैं, जिन पर कई लोगों का अहित करने का आरोप है?
जवाब: वीरेंद्र सिंह तोमर पर आरोप हैं। ऐसे में उसे सजा देने का काम कोर्ट का है। कोर्ट तय करती की तोमर का करना क्या है? पुलिस ने जो उसका जुलूस निकाला है, वह मानव अधिकार का उल्लंघन है। मैं और मेरा पूरा समाज इस तरह के एक्शन के पक्ष में नहीं हैं।
सवाल: तोमर बन्धुओं के साथ जो कुछ भी घटा है, वह पिछले 2-3 दिन में नहीं घटा। पिछले 2-3 महीने से सब कुछ चल रहा है, अचानक आपका प्रेम क्यों जगा?
जवाब: ठीक बात है। पिछले दो से तीन महीने से सब कुछ चल रहा है। हमारी नजरें हर एक्टिविटी पर थी। पुलिस ने FIR दर्ज की हमने कुछ नहीं कहा, यह कानूनी प्रक्रिया है। लेकिन प्रशासन की ओर से पहले गलती तब हुई, जब एक व्यक्ति की गलती की सजा पूरे परिवार को दी जाने लगी।

जो आदमी सड़क पर बेहोश होकर गिर गया, उसकी एड़ी पर पुलिस वालों ने जूते की हिल चुभाई। उसे जबरदस्ती खड़ा किया। समाज के सामने अपमानित किया, यहां पर सब्र टूटा। और अब यह बात तय है कि अब छत्तीसगढ़ में क्षत्रिय समाज का ऐतिहासिक प्रदर्शन होगा।
सवाल: पुलिस पर आप ने तोमर के परिवार को टॉर्चर करने का आरोप लगाया है, क्या टॉर्चर किया है?
जवाब: पुलिस ने परिवार की महिलाओं के साथ जबरदस्ती की है। सबसे पहले वीरेंद्र सिंह तोमर की पत्नी को थाने में पीटा। उसके बाद रोहित तोमर की पत्नी को थाने लेकर गए हैं। जहां पुलिस अधिकारी कश्यप ने उसके साथ गलत हरकतें की है। उसने मुझे बताया है कि उसके कपड़े तक फाड़े गए। यह क्या टॉर्चर नहीं है।
सवाल: जिस पर आरोप लगा रहे हैं वह पुलिस के जिम्मेदार अधिकारी हैं, आरोप की कोई बुनियाद है?
जवाब: एक विक्टिम खुद अपने साथ हुए दुराचार के बारे में बता रही है, इससे बड़ी कोई बुनियाद नहीं होनी चाहिए।
सवाल: जब गलत हुआ तो क्या रोहित तोमर की पत्नी ने पुलिस में शिकायत की। एसपी को आवेदन दिया?
जवाब: 2 बार यह महिला शिकायत करने गई थी। इसकी नहीं सुनी गई। उलट, इसके मोबाइल को जबरदस्ती जब्त कर लिया गया। मोबाइल के भीतर उसके प्राइवेट फोटोज को लीक किया गया है। वह सब कुछ किया गया जो गैरकानूनी है। इसका जवाब 7 दिसंबर को दिया जाएगा।
सवाल: आपने आरोप लगाया है कि तोमर परिवार से पूरे मामले को क्लियर करने 5 करोड़ रुपए मांगे गए थे? जवाब: मैं इस पर बाद में जवाब दूंगा। बीजेपी सांसद की ओर से 5 करोड़ रुपए की मांग की गई थी पूरे मामले को रफा-दफा करने के लिए। सांसद ने साफ कहा था कि गृहमंत्री से बात करने के लिए इसके बिना काम नहीं हो पाएगा। तोमर परिवार से पहली किस्त 50 लाख रुपए मांगी गई थी।
30 लाख रुपए अरेंज कर दे दिए गए थे। 20 लाख रुपए और देने का दबाव बनाया जा रहा था। जब पैसे नहीं दे पाए तो फिर परिवार पर टारगेटेड कार्रवाई की गई।
सवाल: आपको ऐसा क्यों लग रहा है कि पुलिस वीरेंद्र सिंह तोमर को ही टारगेट कर रही है?
जवाब: एक मारामारी का आरोप वीरेंद्र के भाई पर लगता है। इसके बाद ऐसा क्या होता है कि पुलिस तोमर के घर सर्च वारंट लेकर घुस जाती है। एक ही पुलिस स्टेशन 17-17 FIR कैसे हो गई। यह बताता है कि स्पेसिफिक टारगेटेड एक्शन है। बाकी क्यों हो रहा है, यह तो एसपी साहब ही बता पाएंगे।

सवाल: ठेला चलाने वाला करोड़पति बन गया यह सवाल नहीं है, सवाल यह है कि पैसे कमाने का तरीका क्या था?
जवाब: नहीं, नहीं। तुम्हारा अकेला व्यापारी नहीं है जो छत्तीसगढ़ में फाइनेंस का व्यापार कर रहा है। लोग खुद चलकर उससे पैसा मांगने आते थे। पैसा नहीं मिलने पर बैंक की भी यही प्रक्रिया है। फाइनेंस से जुड़ा हर व्यक्ति वही प्रक्रिया अपनाता है जो तोमर अपना रहा था।
गलत तरीके से कार्रवाई हुई है, गलत कारणों से हुई है और गलत व्यक्ति पर हुई है।
सवाल : करणी सेना के दूसरे घटक ने तोमर को फर्जी बताया था तो क्या समाज का दोष नहीं है, गलत नरेटिव बिल्ट करने में?
जवाब: जिस व्यक्ति ने यह कहा, आज उसको समाज को जवाब देने में कठिनाई जा रही है। समाज का हर व्यक्ति उससे यह सवाल कर रहा है कि इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान उसने दिया कैसे?
सवाल: वीरेंद्र सिंह तोमर का छोटा भाई रोहित तोमर मारपीट करता था। बंदूक के दम पर पैसा वसूलता था। इस पर आपका का क्या कहना है?
जवाब: ठीक है, अगर ऐसा है तो पुलिस को वह हर कार्रवाई करना चाहिए जो कानून की किताब में लिखी गई है। लेकिन अपराधी को सजा तो कोर्ट ही देगी। रोहित अगर ऐसा करता था तो उसके किए की सजा पूरे परिवार को क्यों दी गई।

जब पुलिस को ही सब कुछ तय कर लेना है तब तो समाज के बोलने का अधिकार बनता है। मैं बहुत खुलकर बात करता हूं। ऐसा हुआ तो सभी पुलिस वाले जो इसमें इन्वॉल्व हैं, उनकी नौकरी जाएगी।
सवाल: आप बात लोकतंत्र की बात कर रहे हैं, लेकिन जुलूस के बाद जो प्रक्रिया आपने अपनाई वो धमकी भरा था, इसलिए FIR हुई।
जवाब: जब आप घर में घुसकर बहन बेटियों पर हमला होगा तो लोकतंत्र और कानून याद नहीं आता। जो फेसबुक लाइव पर निकला वह मेरा एग्रेशन था। सामान्य व्यक्ति का एग्रेशन इसी तरह निकलता है, जब कानून अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर अनैतिक कार्य करता है।
मैं अब भी अपने स्टैंड में कायम हूं, 7 दिसंबर को पूरा क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ आ रहा है। शासन के पास अब भी मौका है कि वह पीड़ित परिवार से बात करे उसे न्याय का आश्वासन दे। यह आंदोलन रोक दिया जाएगा।
सवाल: आपको क्या लगता है, न्याय के लिए सत्ता ज्यादा जरूरी है या सामाजिक एकता। क्योंकि आप बार-बार सत्ता को टारगेट कर रहे हैं?
जवाब: जो परिवेश है, उसमें न्याय सत्ता के अधीन है। मुझे लगता है कि जो हुआ है वह सत्ता का दुरूपयोग था। ऐसे में छत्तीसगढ़ में जो भी पार्टी हमारा साथ देगी, हम उसको सत्ता में लाने का काम करेंगे। जो न्याय देगा वहीं सत्ता में होगा। सामाजिक एकता से सत्ता स्थापित की जा सकती है।
सवाल: जिस न्याय की बात आप कर रहे हैं, वह तोमर बंधुओं को मिल जाता है। दूसरे दिन इनका सताया हुआ कोई व्यक्ति आपके सामने खड़ा होकर फरियाद करता है। आपका क्या स्टैंड होगा?
जवाब: मैं सेना से रिटायर्ड व्यक्ति हूं, समाज के काम में लगा हूं गलत व्यक्ति का साथ नहीं दूंगा कोई विक्टिम मेरे सामने आएगा तो मैं तोमर के खिलाफ, तोमर के परिवार के खिलाफ खड़ा होने में संकोच नहीं करूंगा। क्षत्रिय समाज सभी के साथ न्याय के लिए है।
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सूदखोर वीरेंद्र तोमर को रायपुर पुलिस ने ग्वालियर से गिरफ्तार किया था।
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