राजधानी के रेलवे स्टेशन में गाड़ी खड़ी करना अब पहले से महंगा हो गया है। स्टेशन के पार्किंग में 2 घंटे गाड़ी खड़ी करने के लिए पहले 30 रुपए देने पड़ते थे, लेकिन अब 50 रुपए देने पड़ेंगे। इसी तरह पहले एक दिन के लिए 200 रुपए चार्ज देना पड़ता था, लेकिन अब 250 र
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इसकी सबसे बड़ी वजह है कि स्टेशन की पार्किंग का ठेका इस साल 30 लाख के बजाय एक करोड़ में गया है। टेंडर की रकम दोगुना से भी ज्यादा होने से ही पार्किंग शुल्क बढ़ा दिया गया है। इसका सीधा असर अब आम लोगों पर ही पड़ेगा। स्टेशन में हर दिन 70 हजार से ज्यादा लोग आना-जाना करते हैं। इसमें बड़ी संख्या में लोग गाड़ियों से आना-जाना करते हैं। यही वजह है कि स्टेशन की पार्किंग हर समय पैक ही रहती है। नया पार्किंग शुल्क 8 जनवरी से लागू हो चुका है।
रेलवे के अफसरों के अनुसार नया टेंडर तीन साल के लिए जारी किया गया है। यानी अभी लोगों को तीन साल तक बढ़ा हुआ शुल्क ही देना होगा। अचानक पार्किंग शुल्क बढ़ने की वजह से स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को रोजाना कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
स्टेशन में अभी गाड़ी खड़ी करने को लेकर कई तरह के विवाद होते रहते हैं। खासतौर पर गाड़ी को नुकसान या चोरी होने पर ठेका लेने वाले तुरंत अपना हाथ खड़े कर देते हैं। वे रेलवे पुलिस के पास उन्हें भेज देते हैं। इससे लोगों को काफी नुकसान होता है।
एक प्रीमियम पार्किंग में एक साथ 120 गाड़ियां हो सकती हैं खड़ी स्टेशन में मुख्य पार्किंग के साथ ही प्रीमियम पार्किंग भी होती है। इस पार्किंग में एक साथ 120 कारें खड़ी हो सकती हैं। इस पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने वालों से और ज्यादा शुल्क लिया जाएगा। इसका भी विरोध शुरू हो गया है। रायपुर स्टेशन से रोजाना करीब 120 ट्रेनें आती-जाती हैं।
बड़ी संख्या में यात्री निजी वाहनों से स्टेशन पहुंचते हैं और पार्किंग में ही गाड़ी खड़ी करते हैं। यही वजह है कि पार्किंग शुल्क में की गई बढ़ोतरी सीधे तौर पर बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करेगी। पार्किंग ठेका अब 2029 तक के लिए मान्य रहेगा।
रायपुर रेलवे पार्किंग में लगातार हो रहे प्रयोग, ये सभी हो रहे हैं फेल रायपुर स्टेशन की पार्किंग में लगातार प्रयोग होते रहते हैं। पिछले साल एयरपोर्ट की तर्ज पर यहां पिकअप और ड्रॉप सिस्टम शुरू हो गया था। इसे लेकर बहुत विवाद हुआ। इसके बाद इस सिस्टम को खत्म कर दिया गया। इसके अलावा गाड़ी खड़ी करने के बाद मैन्युअल और कंप्यूटराइज्ड पर्ची को लेकर भी विवाद हुआ।
अफसरों की सख्ती के बावजूद अभी भी स्टैंड का ठेका लेने वाले कंप्यूटराइज्ड पर्ची की जगह हाथ की लिखी पर्ची देते हैं। कई बार तो तय शुल्क से ज्यादा लेते हैं। इस बात को लेकर आम लोगों का कर्मचारियों के साथ विवाद भी होता रहा है।
किराया बढ़ा रहे, लेकिन सुविधाएं नहीं स्टेशन की पार्किंग में गाड़ियां खड़ी करने के लिए शुल्क में तो बढ़ोत्तरी की गई है, लेकिन सुविधाएं कुछ भी नहीं है। टेंडर शर्तों के अनुसार पार्किंग स्थल में गाड़ियों में हवा डालने की सुविधा होनी चाहिए। इसी तरह पार्किंग स्थल पर फ्लोरिंग हो, पीने के पानी की सुविधा और शेड की सुविधा होनी चाहिए, लेकिन स्टेशन की पार्किंग में ऐसी कोई भी सुविधा नहीं है।

नियमानुसार बढ़ा शुल्क रायपुर रेलवे स्टेशन की प्रीमियम पार्किंग का टेंडर तीन साल के लिए जारी किया गया है। नियमानुसार हर साल पार्किंग शुल्क बढ़ता ही है। पार्किंग में लोगों के लिए सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। -अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीनियर डीसीएम रायपुर
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