जमीन रजिस्ट्री की नई गाइडलाइन को लेकर विवाद जारी है । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया एक्स पर तंज कसा है। बघेल ने दावा किया कि कारोबारी जब मंत्रियों से मिलने पहुंचे तो उन्हें यह हिदायत दी गई—“कांग्रेस नेताओं से मिलने मत जाना।” साथ ही दावा
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भूपेश बघेल का ट्वीट—भाजपा कांग्रेस से डरती है
कांग्रेस से डरती है भाजपा! ज़मीन की ख़रीद बिक्री के लिए जारी नई सरकारी गाइड लाइन को लेकर भारी अफ़रा-तफ़री का माहौल है.नाराज़ लोगों ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को दुर्ग में घेर लिया.ज़मीन के कारोबार से जुड़े लोग मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री सहित कई मंत्रियों से मिले.पता चला है कि सभी के कार्यालय में कारोबारियों को नेताओं के सहायकों ने एक ही हिदायत दी – “कांग्रेस के नेताओं से मिलने मत जाना.”कांग्रेस से क्यों डरती है भाजपा, यह कोई राज़ भी नहीं है.कितना भी रोक लो, जनता है सब जानती है. अगर ये जोकरों वाली गाइड लाइन वापस नहीं ली या इसमें सुधार नहीं किया तो जनता ही ठिकाने लगा देगी.लिख लीजिए, या तो भाजपा सरकार यू टर्न लेगी या फिर इसमें बड़े सुधार करेगी

भूपेश बघेल का ट्वीट
कांग्रेस ने किया हमला, दीपक बैज बोले—सरकार दलाली कर रही है
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा—जमीन की गाइडलाइन को 10 गुना बढ़ा दिया गया, गरीब और मध्यमवर्ग के लिए जमीन खरीदना सपना हो गया है।सरकार ने अपने फायदे और दलाली के लिए गाइडलाइन लागू की है। बेमेतरा में 300 एकड़, नवा रायपुर में 275 एकड़ जमीन खरीदी गई…कौन मंत्री इसमें शामिल है, सरकार बताने को तैयार नहीं। दीपक बैज ने चेतावनी दी—अगर गाइडलाइन वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस बड़ा आंदोलन करेगी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज
दुर्ग में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का काफिला रोका गया
जमीन की सरकारी गाइडलाइन दरें बढ़ाए जाने के बाद पूरे प्रदेश में नाराज़गी लगातार बढ़ रही है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर सहित कई जिलों में जमीन कारोबारी प्रदर्शन कर रहे हैं।
दुर्ग में जब व्यापारियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव का काफिला रोक लिया। उन्हें मौके पर उतरकर प्रदर्शनकारियों की बात सुननी पड़ी व्यापारियों ने कहा कि नई गाइडलाइन से कारोबार ठप हो रहा है। किरण सिंह देव ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाई जाएंगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी का पलटवार ‘8 साल तक रेट न बढ़ने के पीछे बड़ी साजिश’

वित्त मंत्री ओपी चौधरी
कांग्रेस के जमाने में 30 प्रतिशत रेट कटौती की गई, 8 साल तक जमीन का रेट नहीं बढ़ने देने के पीछे बहुत बड़ी साजिश थी, इनको दारु,कोयला और महादेव सट्टा एप का पैसा जमीनों में खपाना था,इसलिए 10 प्रतिशत की रेट पर ही ये जमीनों की खरीद-बिक्री करके जमीनों को इकठ्ठा कर रहे थे, कहीं पर जमीन का अधिग्रहण होता है तो जमीन का गाइडलाइन रेट कम होता है तो किसानों को नुकसान होता है, गाइडलाइन कम होता है तो होमलोन नहीं मिल पाता है, रियल स्टेट रिफॉर्म के लिए ये कदम उठाया गया है, इसका राज्य की जनता को लाभ होगा।
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