स्थानीय लोगों ने रेस्कयू कर बचाई थी असिस्टेंट लोको पायलट की जान।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गेवरा-बिलासपुर मेमू ट्रेन हादसे में घायल असिस्टेंट लोको पायलट को रेलवे ने सस्पेंड कर दिया है। रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर ने उनका बयान दर्ज करने के बाद यह कार्रवाई की है। बता दें कि इस भीषण रेल हादसे में लोको पायलट सम
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रेलवे ने ट्रेन दुर्घटना की जांच के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) जांच की घोषणा की थी, जिसके बाद CRS बीके मिश्रा जांच के लिए चार दिन तक बिलासपुर में रहे। इस दौरान उन्होंने कई पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज की स्थिति गंभीर होने के कारण उनका बयान दर्ज नहीं हो पाया था। ऐसे में CRS कार्यालय की ओर से बयान लेने के लिए अधिकारी को कोलकाता बुलाया गया। इस बीच रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर ने अस्पताल में रश्मि राज से पूछताछ की। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद रेलवे ने सहायक लोको पायलट रश्मि राज को सस्पेंड कर दिया है।

हादसे के समय ट्रेन के इंजन पर ड्यूटी में थीं ALP रश्मि राज।
एमरजेंसी ब्रेक लगाया फिर भी नहीं रूकी ट्रेन सूत्रों के मुताबिक, रश्मि राज ने अपने बयान में कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना से ठीक पहले एडवांस सिग्नल ‘सिंगल येलो’ था। इसके बाद आने वाले सिग्नल के बारे में मास्टर ने उन्हें बताया था कि ‘सिग्नल ओके है।’ इसी दौरान लोको कैब में सामने लगा सनलाइट पर्दा अचानक गिर गया। उसे हटाने के लिए उन्होंने हाथ बढ़ाया और उसी क्षण सामने खड़ी मालगाड़ी दिखाई दी। उन्होंने तत्काल एमरजेंसी ब्रेक दबाया, लेकिन दूरी कम होने के कारण ट्रेन रुक नहीं सकी। इस दौरान उनसे सिग्नलिंग, गति, दृश्यता और कैब की स्थिति को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनके जवाब दर्ज कर लिए गए हैं।
CRS जांच में असिस्टेंट लोको पायलट का बयान अहम उनके इस बयान को CRS जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह हादसे से ठीक पहले की स्थिति को विस्तार से बताता है। रश्मि राज फिलहाल इलाज के दौरान स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। इसी बीच विभाग ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
हादसे में लोको पायलट समेत 12 की मौत, 20 यात्री घायल बता दें कि 4 नवंबर की शाम करीब 4 बजे गेवरारोड से बिलासपुर आ रही मेमू लोकल ट्रेन लालखदान में अप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी की ब्रेकयान से जा टकराई थी। 48 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से लगी यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि मेमू का इंजन ब्रेकयान को धकेलते हुए कोयला भरे वैगन पर चढ़ गया। हादसे में लोको पायलट विद्यासागर सहित 12 यात्रियों की मौत हो गई थी, जबकि 20 यात्री घायल हुए थे। असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज भी इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
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