छत्तीसगढ़ के पर्यटन विकास को नई ऊंचाई देने वाले कवर्धा के भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भव्य भूमिपूजन एक जनवरी को किया जाएगा। करीब 146 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस प्रदेश के सबसे बड़े पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह श
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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भोरमदेव मंदिर परिसर में आयोजन स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को मंच, बैठक, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग और पेयजल सहित सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। इस परियोजना से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी
भोरमदेव मंदिर परिसर अपनी प्राचीन स्थापत्य कला और धार्मिक आस्था के लिए प्रसिद्ध है। पर्यटन कॉरिडोर के निर्माण से यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत सड़क, पार्किंग, व्यू प्वाइंट, पर्यटक सुविधा केंद्र, सौंदर्यीकरण एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे
इससे न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाए। भोरमदेव कॉरिडोर इसी सोच का परिणाम है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की पहचान को और मजबूत करेगा।
भोरमदेव पर्यटन कॉरिडोर का भूमिपूजन न केवल नए साल की शुरुआत को खास बनाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर एक नई उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा। यह परियोजना राज्य के ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
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