भास्कर न्यूज | लोहंडीगुड़ा ग्राम पंचायत चित्रकोट में आरईएस विभाग द्वारा मॉडल शौचालय निर्माण कार्य शुरू किया गया। पंचायत से अनुमति लिए बिना मड़ई मेला स्थल पर निर्माण का सरपंच समेत पूरे गांव ने विरोध किया। विभाग के अधिकारियों ने सरपंच के खिलाफ एफआईआर द
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सरपंच भंवर मौर्य और ग्रामीणों का आरोप है कि बिना ग्रामसभा की सहमति के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पेशा एक्ट और पंचायत राज कानून के नियमों के विपरीत है, इसके बावजूद विभाग और ठेकेदार ने जबरन निर्माण शुरू किया। विरोध करने पर उल्टा लोहंडीगुड़ा एसडीओ रविकांत और ठेकेदार द्वारा सरपंच भंवर मौर्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई, जबकि विरोध पूरे गांव ने किया था। मामले में धारा 296, 351(2), 324(2), 221 और 132 के तहत एफआईआर की गई है। घटना के बाद गांव में भारी रोष है। ग्रामीणों ने कहा कि जब निर्माण बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर शुरू किया है, तो कार्रवाई विभाग और ठेकेदार पर होनी चाहिए, सरपंच पर नहीं।
ग्रामीणों ने जनपद पंचायत लोहंडीगुड़ा के घेराव और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीओ रविकांत ने सरपंच और ग्रामीणों को डराया-धमकाया तथा उच्च अधिकारियों से शिकायत कर सरपंच को छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 लगाकर पद से हटवाने की धमकी तक दी। विरोध नहीं, लेकिन मेला स्थल पर निर्माण गलत ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय निर्माण का विरोध नहीं है, लेकिन जिस स्थान पर काम किया जा रहा है, वहां हर वर्ष पारंपरिक मड़ई उत्सव का आयोजन होता है, जो धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। इस वजह से ग्रामीणों ने इसे पांचवीं अनुसूची और पेशा एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन बताया।
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