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रायपुर के पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) में इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट (ISA) का 72वां राष्ट्रीय सम्मेलन-ISACON 2025 हुआ। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एनेस्थिसियोलॉजी, क्रॉनिक पेन मैनेजमेंट और क्रिटिकल केयर में नवीनतम तकनीक और शोध आदान
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कार्यक्रम को एनेस्थिसियोलॉजी और पेन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. प्रतिभा जैन शाह और वर्कशॉप चेयरपर्सन डॉ. प्रो. जया लालवानी ने लीड किया। सम्मेलन में CTLS विशेषज्ञ डॉ. माइकल पार (ऑस्ट्रेलिया) और क्रॉनिक पेन विशेषज्ञ डॉ. कैरोलिना हेयलॉक लूर (होंडुरास) जैसे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
डीन ने किया उद्घाटन, आयोजन की सराहना
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन डीन डॉ. विवेक चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन भविष्य के डॉक्टरों को नई दिशा देते हैं और मेडिकल फील्ड में रिसर्च और नवाचार को मजबूती प्रदान करते हैं।
4 हाई-इम्पैक्ट वर्कशॉप्स बनीं सम्मेलन की जान
ISACON 2025 में चार विशेष वर्कशॉप्स आयोजित की गईं, जिनमें प्रतिभागियों को गहन सैद्धांतिक और स्किल-आधारित ट्रेनिंग दी गई।
1. क्रॉनिक पेन वर्कशॉप
कोर्स डायरेक्टर: डॉ. नवीन मल्होत्रा, डॉ. कृष्णा पोद्दार, लोकल कोऑर्डिनेटर्स: डॉ. सोनाली साहू, डॉ. शाहिदा खातून, डॉ. बबलेश महावर
इस वर्कशॉप में-
- इंटरवेंशनल पेन तकनीकें
- अल्ट्रासाउंड-गाइडेड प्रक्रियाएं
- कैंसर एवं न्यूरोपैथिक पेन मैनेजमेंट
- हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण जैसे विषयों पर ट्रेनिंग दी गई।
2. कॉम्प्रिहेंसिव क्लिनिकल लाइफ सपोर्ट (CCLS) वर्कशॉप
कोर्स डायरेक्टर: डॉ. चक्रराव एस.एस.सी, लोकल कोऑर्डिनेटर्स: डॉ. प्रतीक्षा अग्रवाल, डॉ. अमृता जैन
इसमें प्रतिभागियों को-
- एयरवे मैनेजमेंट
- बेसिक व एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट
- कार्डियक-रेस्पिरेटरी इमरजेंसी मैनेजमेंट
- टीम बेस्ड रिससिटेशन ड्रिल की ट्रेनिंग दी गई।
3. क्लिनिकल ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट (CTLS) वर्कशॉप
कोर्स डायरेक्टर: डॉ. चक्रराव एस.एस.सी, डॉ. रसेश सिन्हा, लोकल कोऑर्डिनेटर्स: डॉ. रश्मि नाइक, डॉ. ए. शशांक
इस ट्रॉमा स्किल-आधारित प्रशिक्षण में-
- ट्रॉमा असेसमेंट
- प्राथमिक स्थिरीकरण
- ब्लीडिंग कंट्रोल
- स्पाइनल स्टेबिलाइजेशन
- ER-OT आधारित व्यवहारिक प्रशिक्षणपर फोकस किया गया।
4. प्राइवेट प्रैक्टिशनर फोरम (PPF)
कोर्स डायरेक्टर: डॉ. सुखमिंदरजीत सिंह बाजवा, लोकल कोऑर्डिनेटर्स: डॉ. मंजू टंडन, डॉ. निशांत त्रिवेदी
फोरम में निजी प्रैक्टिस से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों, चुनौतियों और समाधान पर व्यापक चर्चा हुई।
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