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गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के तीन शिक्षकों को उज्जैन में आयोजित पांचवें राष्ट्रीय अधिवेशन में ‘शिक्षा शिल्पी अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान 14 दिसंबर, 2025 को मौन तीर्थ हिंदी विद्यापीठ, मध्य प्रदेश में प्रदान किया गया।
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इस कार्यक्रम में सुमनान्द महाराज, डॉ. पीआर वासुदेवन शेष, कार्यक्रम अध्यक्ष नंदलाल त्रिपाठी पीतांबर (गोरखपुर), कलिंगा यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजीव गांधी और एचडी एजुकेशन सोसाइटी सरायपाली के डॉ. अनिल प्रधान ने 13 राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया।
इसमें छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली सहित अन्य राज्यों के शिक्षक शामिल थे। सम्मानित होने वाले गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के शिक्षकों में अर्चना शमूएल मसीह, स्वप्निल सिंह पवार और भीष्म त्रिपाठी शामिल हैं।
अर्चना शमूएल मसीह वर्तमान में शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मगुरदा, ब्लॉक मरवाही में कार्यरत हैं और जिला संगठन आयुक्त गाइड तथा जिला रेड क्रॉस सोसाइटी में राज्य प्रतिनिधि भी हैं। स्वप्निल सिंह पवार व्यायाम शिक्षिका हैं, जबकि भीष्म त्रिपाठी प्राथमिक शाला अंधियार खोर के प्रधान पाठक हैं।
इन तीनों शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों, उल्लेखनीय उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में दी गई सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। जिले में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ये शिक्षक पहले भी रायपुर में राज्यपाल और कलिंगा यूनिवर्सिटी की ओर से सम्मानित हो चुके हैं।
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