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महिला एवं बाल विकास विभाग ने पुलिस के सहयोग से पेंड्रा में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी। यह कार्रवाई बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत की गई। परिवार को नाबालिग की शादी कराने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई। जिला बाल संरक्षण इकाई टीम को पेंड्रा ब्लॉक की परियोजना अधिकारी दीप बेक ने ग्राम आमाडांड़ में बाल विवाह की सूचना दी। यह जानकारी जिला बाल संरक्षण अधिकारी बीरेंद्र कुर्रे को दी गई। टीम ने बालिका के जन्म प्रमाण पत्र की जांच की इसके बाद, महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित के निर्देश पर बीरेंद्र कुर्रे ने तत्काल एक टीम गठित की। इस टीम में संबंधित सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, पुलिस, सचिव और सरपंच शामिल थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर बालिका के जन्म प्रमाण पत्र की जांच की। जांच में बालिका की उम्र 17 वर्ष 3 माह 6 दिन पाई गई, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित 18 वर्ष से कम है। टीम ने बालिका के माता-पिता और परिवार को समझाया। साथ ही, टेंट और नगाड़ा मालिकों को भी अधिनियम के कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बाल विवाह पर रोक लगाई।
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