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सूरजपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासनिक अमला व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर रेना जमील ने विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आमजन तक पहुंचे। बैठक में खाद वितरण, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने खरीफ फसल को देखते हुए कृषि, सहकारिता और संबंधित विभागों को खाद के पर्याप्त भंडारण और सुचारु वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्टॉक और वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए राजस्व और कृषि विभाग को सक्रिय रहने को कहा।औचक निरीक्षण कर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार औचक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेयजल संकट नहीं होना चाहिए बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल स्रोतों के संधारण, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और जरूरत वाले स्थानों पर राइजिंग पाइप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया गया। आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर समेत जिले के विद्यालयों के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने और आगामी वर्षों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थानों का होगा मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर ने जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए जाएं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश बैठक में एग्रीस्टैक, राशन कार्ड पंजीयन, धान उठाव और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय-सीमा की बैठक में खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी। राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं सोमवार को कलेक्टर रेना जमील ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख सुधार, भू-अर्जन, पट्टा वितरण और अभिलेख दुरुस्तीकरण जैसे मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। बैठक में न्यायालयवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बुजुर्ग को पहनाया श्रवण यंत्र कलेक्टर रेना जमील ने जनदर्शन कार्यक्रम में 81 साल के बुजुर्ग मकल राम डनसेना को श्रवण यंत्र प्रदान किया। बुजुर्ग कई सालों से सुनने की समस्या से जूझ रहे थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या सुनकर तत्काल समाधान के निर्देश दिए। मकल राम डनसेना पिछले छह से सात सालों से श्रवण क्षमता में कमी के कारण सामान्य बातचीत और दैनिक कार्यों में कठिनाई महसूस कर रहे थे। वे अपनी समस्या लेकर जनदर्शन में पहुंचे थे।
कलेक्टर ने बुजुर्ग की स्थिति को गंभीरता से समझा। कलेक्टर के निर्देशों के बाद जनदर्शन की कार्यवाही समाप्त होने से पहले ही श्रवण यंत्र की व्यवस्था कर दी गई।
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