भास्कर न्यूज |बालोद लोक कलाकार संरक्षण समिति बागबाहरा द्वारा आयोजित सात दिवसीय मानस एवं लोककला प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान पुस्तक विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बलराम साहू द्वारा लिखित पुस्तक मानस सुरभि का विमोचन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि तुलसी मानस प्रतिष्ठान के जगदीश देशमुख ने कहा कि कोई भी ग्रंथ या पुस्तक तब तक लेखक के अधीन रहती है, जब तक वह लोकमानस को समर्पित नहीं हो जाती। विमोचन के बाद वह पुस्तक लेखक की निजी सीमा से बाहर निकलकर समाज, पाठकों और लोकचेतना की धरोहर बन जाती है। उन्होंने कहा कि यही किसी भी साहित्यिक कृति की वास्तविक उपादेयता और सार्थकता है। उन्होंने कहा कि यह भाव लेखक को अहंकार से मुक्त करता है और यही किसी भी विमोचन समारोह की सबसे बड़ी महत्ता है। कार्यक्रम का संचालन मानस मर्मज्ञ त्रेता चंद्राकर ने किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में लीलार सिन्हा, चिंताहरण पटेल तथा चिंताराम सेन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में चिंताराम सेन ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। पुस्तक के लेखक बलराम साहू ने अपने लेखकीय अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें ऐसा महसूस होता है कि यह पुस्तक उनके द्वारा नहीं लिखी गई, बल्कि यह प्रभु प्रेरणा का प्रसाद है। उन्होंने बताया कि पुस्तक में मानस के विविध प्रसंगों एवं व्याख्यानों को संकलित किया गया है।
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