नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। अपराधों की जांच को और अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और त्वरित बनाने की दिशा में पुलिस को अत्याधुनिक फोरेंसिक वैन की सौगात मिली है। एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में फोरेंसिक वैन को सीन ऑफ क्राइम यूनिट और क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला को सौंपा गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अपराधियों को कठोर सजा मिले और पीड़ित पक्ष को समय पर न्याय प्राप्त हो। इसके लिए पुलिस विभाग को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से सशक्त बनाया जा रहा है।
शनिवार को बिलासा गुड़ी के चेतना हाल में आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर फोरेंसिक वैन को रवाना किया। इस दौरान डमी के माध्यम से सीन आफ क्राइम तैयार कर पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया। अधिकारियों ने बताया कि नवीन कानून लागू होने के बाद सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में एफएसएल जांच अनिवार्य हो गई है। इससे घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में मजबूत पैरवी संभव होगी।
फोरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक परीक्षण किया जा सकेगा। इसमें खून के धब्बे, बाल, लार, गन पाउडर रेजिड्यू, बुलेट होल, आगजनी, विस्फोटक पदार्थ, पदचिह्न और टायर मार्क जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों का त्वरित परीक्षण और सुरक्षित संरक्षण किया जाएगा। बाद में इन नमूनों को विस्तृत परीक्षण के लिए क्षेत्रीय विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे साक्ष्यों के नष्ट होने की संभावना कम होगी और विवेचना अधिक प्रभावी बन सकेगी।
इनकी रही उपस्थिति
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव, महापौर पूजा विधानी, संभागायुक्त सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा संयुक्त संचालक क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला डा शिखा तिवारी उपस्थित रहे। वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव एवं विधायक धरमलाल कौशिक आनलाइन कार्यक्रम से जुड़े और पुलिस विभाग को शुभकामनाएं दीं।
सीन आफ क्राइम से बताया गया जांच के तरीके
सीन आफ क्राइम यूनिट के प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डा समीर कुर्रे तथा क्षेत्रीय विज्ञान प्रयोगशाला के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी रवि चंदेल ने डमी क्राइम सीन बनाकर भौतिक साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी की पहचान और जांच प्रक्रिया की जानकारी दी।
पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता: अमर अग्रवाल
कार्यक्रम में विधायक अमर अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार लगातार पुलिस प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विधायक दल और शासन स्तर पर होने वाली बैठकों में हमेशा यह चर्चा होती रही है कि जनता को त्वरित न्याय मिले और अपराधियों में कानून का भय बना रहे। इसके लिए पुलिस को आधुनिक संसाधन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पहले अपराध जांच काफी हद तक पारंपरिक तरीकों पर निर्भर रहती थी, लेकिन अब वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से अपराधों की विवेचना अधिक सटीक और विश्वसनीय हो रही है। फोरेंसिक वैन जैसी सुविधा मिलने से पुलिस घटनास्थल पर तत्काल पहुंचकर महत्वपूर्ण साक्ष्य सुरक्षित कर सकेगी। इससे जांच में पारदर्शिता आएगी और न्यायालय में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
वैज्ञानिक जांच से अपराध विवेचना होगी और अधिक प्रभावी: एसएसपी रजनेश सिंह
एसएसपी रजनेश सिंह ने कार्यक्रम केा संबोधित करते हुए कहा कि नई आपराधिक कानून व्यवस्था में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। सात वर्ष या उससे अधिक सजा वाले अपराधों में एफएसएल जांच अनिवार्य किए जाने के बाद पुलिस विभाग के लिए आधुनिक संसाधनों की आवश्यकता बढ़ी है। इसी उद्देश्य से फोरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि यह वैन घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक वैज्ञानिक परीक्षण करने में सक्षम होगी। इससे खून, बाल, लार, फिंगरप्रिंट, गन पाउडर रेजिड्यू और अन्य भौतिक साक्ष्यों को तुरंत सुरक्षित किया जा सकेगा। कई मामलों में देर होने के कारण महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो जाते हैं, लेकिन अब मौके पर ही परीक्षण और संरक्षण की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
रजनेश सिंह ने कहा कि वैज्ञानिक पद्धति से की गई जांच न्यायालय में अधिक प्रभावी साबित होती है और आरोपियों को सजा दिलाने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि पुलिस विभाग लगातार तकनीकी दक्षता बढ़ाने और आधुनिक संसाधनों के उपयोग पर जोर दे रहा है। फोरेंसिक वैन अपराध जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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