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छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स सीडी कांड मामले में रायपुर सेशन कोर्ट ने 24 जनवरी को CBI की लोअर कोर्ट के फैसले को निरस्त कर रिव्यू पिटिशन मंजूर कर लिया है। केस की पहली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को होगी। रायपुर सेशन कोर्ट ने भूपेश बघेल को नियमित कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के एडवोकेट फैजल रिजवी ने 23 फरवरी को पेशी होने की पुष्टि की है। वहीं सेशन कोर्ट के फैसले के बाद भूपेश बघेल ने कहा कि यह राजनीतिक प्रतिशोध है। अदालत में सच्चाई सामने आएगी। हम लड़ेंगे और जीतेंगे। केंद्र और राज्य की सरकार की ये चाल है। वहीं नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ बड़ी साजिश रची जा रही है। ऐसे षड्यंत्र पहले भी हो चुके हैं, लेकिन कांग्रेस मजबूत बनी रहेगी। केंद्र सरकार अपनी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। बीजेपी सरकार कांग्रेस के नेताओं को डराना और फंसाना चाहती है। 4 मार्च 2025 को बरी हुए थे भूपेश बघेल पूर्व CM भूपेश बघेल को कथित सेक्स सीडी कांड में 4 मार्च 2025 को रायपुर की विशेष सीबीआई (CBI) कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपों से मुक्त कर दिया था। CBI की स्पेशल कोर्ट ने सभी धाराएं हटाते हुए कहा था कि, उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई आधार नहीं है। CBI की स्पेशल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सीबीआई ने सेशन कोर्ट में रिव्यू याचिका दाखिल की थी। 24 जनवरी 2026 को रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने बघेल को राहत देने वाले मजिस्ट्रेट कोर्ट के 2024-25 के आदेश को रद्द कर दिया है। अब भूपेश बघेल को फिर से ट्रायल (मुकदमे) का सामना करना होगा। इसके पहले भूपेश बघेल के बचाव में जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने कोर्ट में दलीलें रखीं थीं। अधिवक्ता मनीष दत्त ने कहा था कि बघेल को झूठे मामले में फंसाया गया। भूपेश ने न तो सीडी बनवाई और न ही सीडी बांटी। उन्होंने किसी तरह का कोई ऑफेंस (अपराध) नहीं किया। सबसे पहले जानिए सेक्स सीडी कांड की कब शुरू हुई कहानी ? दरअसल, अक्टूबर 2017 में छत्तीसगढ़ में कथित सेक्स सीडी सामने आई थी, जिसे राजेश मूणत का बताया जा रहा था। शिकायत के बाद पुलिस को दिल्ली में CD बनाने का इनपुट मिला। वहां से तार पत्रकार और कांग्रेस के मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा से जुड़े। इसके बाद रायपुर के IG रहे प्रदीप गुप्ता ने कहा था कि वर्मा CD बनवा रहे थे। वर्मा भूपेश बघेल के रिश्तेदार भी हैं। इन्हीं दावे के साथ पुलिस ने विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सितंबर 2018 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल को भी गिरफ्तार किया गया था। भाजपा नेता प्रकाश बजाज ने दर्ज कराई थी शिकायत भाजपा नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में पहला केस दर्ज किया गया। बजाज की दर्ज कराई FIR में ब्लैकमेलिंग का जिक्र है। किसी ने लैंड लाइन से उन्हें फोन पर कहा था कि मेरे पास तुम्हारे आकाओं के अश्लील वीडियो हैं, पैसे दो वर्ना CD बनाकर बांट दूंगा। पुलिस ने नंबर ट्रेस किया और उन्हें दिल्ली की एक दुकान के बारे में जानकारी मिली। यह दुकान CD रिकॉर्डिंग का काम करती थी। CBI और पुलिस का दावा है कि इसी से वे वर्मा तक पहुंचे। इसके बाद दूसरे आरोपी व्यक्तियों तक पहुंचे, जिनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति का टर्निंग पॉइंट बना था कांड सितंबर 2018 में, तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा को एक CD स्कैंडल के सिलसिले में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई थी, क्योंकि विधानसभा चुनाव सिर्फ 3 महीने दूर थे। भूपेश बघेल ने जमानत लेने से इनकार कर दिया था। यह उनके राजनीतिक करियर में एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने BJP के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, जो पिछले 15 सालों से लगातार चुनाव जीत रही थी। हर पोस्टर पर यह नारा लिखा था कि मैं भी भूपेश हूं। पूरे राज्य के गांवों और शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। कुछ दिनों बाद, भूपेश जेल से रिहा हो गए। इसके बाद, कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की और 68 सीटें जीतीं। कहा जाता है कि भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस बीजेपी विरोधी माहौल बनाने में सफल रही। CD स्कैंडल में भूपेश के खिलाफ की गई कार्रवाई को राज्य की राजनीति में एक टर्निंग पॉइंट माना जाता है। मुरारका-विनोद वर्मा को नहीं मिली राहत इस मामले में कारोबारी कैलाश मुरारका और पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भी खुद को आरोपों से मुक्त करने के लिए सेशन कोर्ट में आवेदन दिया था। हालांकि कोर्ट ने दोनों की याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट का कहना है कि उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा। इस केस में भूपेश बघेल के अलावा कैलाश मुरारका, विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांड्या आरोपी हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने केस सामने आने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
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