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बलरामपुर के जाने-माने ठेकेदार राजेश सिंह ने अंबिकापुर के नमनाकला स्थित घर में फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह उनका शव फांसी पर झूलता मिला। राजेश सिंह कोविड के बाद ठेकेदारी का काम प्रभावित होने से परेशान थे और उनपर लोगों को काफी कर्ज हो गया था। माना जा रहा है कि वे डिप्रेशन में थे। मामला कोतवाली अंबिकापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बलरामपुर निवासी राजेश सिंह (44 वर्ष ) पिछले कुछ सालों से अंबिकापुर के नमनाकला स्थित घर में पत्नी एवं दो बेटियों (14 वर्ष व 9 वर्ष ) के साथ रह रहे थे। कोविड के दौरान उनका ठेके का काम प्रभावित हुआ था। कोविड के पूर्व उनके पास RES, MMGSY और PWD के निर्माण कार्य थे। कोविड के बाद उनका काम प्रभावित रहा और वे काम पूरा नहीं करा पा रहे थे। काम पूरा करने के लिए उन्होंने लोगों से कर्ज भी लिया था। इसके कारण वे लंबे समय से परेशान थे। सुबह घर में फांसी पर झूलता मिला शव
बीती रात राजेश सिंह खाना खाकर छोटी बेटी पीहू के साथ दूसरे कमरे में सो रहे थे। पत्नी बबीता सिंह बड़ी बेटी के साथ सोई थीं। सुबह पीहू भी स्कूल जाने के लिए कमरे से बाहर आ गई। पत्नी बबीता सिंह ने दोनों बेटियों को तैयार किया और स्कूल भेज दिया। राजेश सिंह प्रतिदिन सुबह मॉर्निंग वाक पर निकल जाते थे। बच्चों को स्कूल भेजने के बाद बबीता सिंह ने सुबह करीब 8.30 बजे पति को फोन लगाया तो जवाब नहीं मिला। उनके फोन की घंटी दूसरे कमरे में बजने की आवाज सुनकर वह वहां पहुंची तो उन्हें राजेश सिंह फांसी पर झूलते मिले। बबीता सिंह की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्हें फंदे से उतारकर उन्हें लेकर हॉस्पिटल पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नहीं मिला सुसाइड नोट, जांच में जुटी पुलिस
सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच की। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। राजेश सिंह के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजन शव लेकर बलरामपुर रवाना हो गए हैं। घटना की सूचना पर बलरामपुर से रिश्तेदार एवं परिचित सुबह ही अंबिकापुर पहुंच गए थे। परिचितों ने बताया कि राजेश सिंह काम बंद होने एवं काफी कर्ज हो जाने के कारण परेशान थे एवं डिप्रेशन में थे। दो वर्ष पूर्व राजपुर जनपद में बिल नहीं काटने को लेकर उनका एसडीओ एवं इंजीनियर से विवाद हुआ था एवं उन्होंने दोनों की पिटाई कर दी थी। मामले में राजेश सिंह के खिलाफ अपराध भी दर्ज हुआ था। राजेश सिंह के दो भाईयों का परिवार बलरामपुर में रहता है। एक भाई आधार सेंटर चलाते हैं एवू दूसरे हॉस्टल अधीक्षक हैं। राजेश सिंह पूर्व में भाजपा एवं हिंदुवादी संगठनों से भी जुड़े थे। उनके निधन की खबर से बलरामपुर में शोक है।
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