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रायपुर में सनातन धर्म के सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने आज धरना दिया। शहर जिला और ग्रामीण जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी राजीव गांधी चौक पर इकट्ठा हुए और उत्तरप्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस का विरोध प्रयागराज माघ मेला के दौरान जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर था। प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं का कहना था कि पवित्र संगम स्नान के लिए पहुंचे शंकराचार्य और उनके शिष्यों को रोका जाना सनातन परंपरा का अपमान है। शंकराचार्य को जानबूझकर संगम स्नान से रोका गया- कांग्रेस धरना स्थल पर मौजूद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि, माघ मेला के दौरान शंकराचार्य को जानबूझकर संगम स्नान से रोका गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला सिर्फ भीड़ नियंत्रण का नहीं है, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और संतों के सम्मान से जुड़ा हुआ है। राजीव गांधी चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हाथों में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तस्वीरें थीं। कई कार्यकर्ताओं ने धार्मिक स्वतंत्रता और सनातन परंपरा के समर्थन में नारे लगाए। कुछ समय के लिए चौक पर यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस बल मौके पर तैनात रहा और स्थिति पर नजर रखी गई। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कांग्रेस की प्रमुख मांगें कांग्रेस ने उत्तरप्रदेश सरकार से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और भविष्य में धार्मिक संतों और परंपराओं के सम्मान की गारंटी देने की बात कही। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी। क्या है पूरा मामला? कांग्रेस का विरोध प्रयागराज माघ मेला के दौरान मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य को संगम स्नान से रोके जाने को लेकर है। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला भीड़ और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया था, जबकि शंकराचार्य पक्ष इसे अपमानजनक व्यवहार बता रहा है।
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