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रामानुजगंज में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 1976 से संचालित इस कार्यालय में कुल 26 कर्मचारी पदस्थ हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि रोजाना केवल चार से पांच कर्मचारी ही उपस्थित रहते हैं। अधिकांश कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण विभागीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कार्यालय की लगभग सभी शाखाओं की कुर्सियां खाली पड़ी रहती हैं। दूर-दराज से आने वाले शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारी के न मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। समाजसेवी विकाश दुबे ने बताया कि इस गंभीर स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कई बार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। मौखिक और लिखित शिकायतें भी की गईं, लेकिन इसका कोई ठोस असर नहीं हुआ। पूर्व में कर्मचारियों की मनमानी और अनुपस्थिति के खिलाफ आंदोलन भी किए गए थे, परंतु कार्यालय की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर फाइलों का निपटारा न होना, नियुक्ति, वेतन, स्थानांतरण और शैक्षणिक योजनाओं से जुड़े कार्य लंबित पड़े रहना अब आम बात हो गई है। लोग अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से आग्रह किया गया है कि कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कदम उठाए जां, ताकि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन कर सके।
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