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एक ओर शासन किसानों से धान का दाना-दाना खरीदने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर धरातल पर किसान रकबा समर्पण के फेर में अपनी उपज बेचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भारतीय किसान संघ के तत्वावधान में गुरुवार को मां चंडी मंदिर प्रांगण, बिरकोनी में आयोजित बैठक में तहसील भर के किसानों ने अपनी पीड़ा जाहिर की और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। तहसील अध्यक्ष शत्रुहन लाल साहू ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशासन किसानों के साथ अन्याय कर रहा है। पटवारियों द्वारा खेतों का मुआयना और सत्यापन किए जाने के बाद भी पोर्टल पर धान की मात्रा कम दिखाई जा रही है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन ने अपनी कार्यशैली नहीं सुधारी और किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा, तो भारतीय किसान संघ चुप नहीं बैठेगा। आने वाले दिनों में एक बड़ा किसान सम्मेलन आयोजित कर तहसील घेराव और उग्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। बैठक में प्रमुख रूप से यशवंत चंद्राकर, पुरषोत्तम साहू, बाबूलाल निषाद, चेतन साहू, राजकुमारी साहू, केज बाई निषाद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान प्रतिनिधि मौजूद थे, जिन्होंने एक स्वर में इस लड़ाई को लड़ने का संकल्प लिया।
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