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कोंडागांव जिले के माकड़ी विकासखंड मुख्यालय में कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत पदयात्रा निकाली। गांधी चौक पर पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई इस यात्रा में बड़ी संख्या में कांग्रेसी पदाधिकारी, मनरेगा मजदूर और ग्रामीण शामिल हुए। पदयात्रा में कोंडागांव विधानसभा के पूर्व मंत्री शंकर शोड़ी, जिला कांग्रेस कमेटी कोंडागांव के अध्यक्ष रवि घोष, पूर्व जिला पंचायत सदस्य शिव मंडावी और जिला महामंत्री रितेश पटेल जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। यात्रा के दौरान नेताओं ने मनरेगा मजदूरों और ग्रामीणों से संवाद किया। उनकी समस्याओं को सुना और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। साप्ताहिक बाजार माकड़ी में आयोजित नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष रवि घोष और ब्लॉक अध्यक्ष गौतम साहू ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देश के मजदूरों के साथ विश्वासघात कर रही है और तानाशाही पर उतर आई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा ने मनरेगा का नाम बदलकर यह साबित कर दिया है कि उनके आदर्श “गांधी नहीं गोडसे हैं”। मजदूरों को आजीविका की गारंटी दी थी रवि घोष ने कहा कि कांग्रेस ने मजदूरों को आजीविका की गारंटी दी थी, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत आजीविका का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस अधिकार की “हत्या” कर दी है। घोष ने आगे कहा कि मनरेगा केवल रोजगार योजना नहीं, बल्कि गरीबों की आर्थिक सुरक्षा की रीढ़ है, जिसे बजट कटौती और भुगतान में देरी के जरिए कमजोर किया जा रहा है। महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का प्रयास कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का प्रयास कर रही है, जबकि कांग्रेस ने इस योजना को महात्मा गांधी के नाम से जोड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने कांग्रेस के कार्यकाल की “स्कीम” को “मिशन” बना दिया है और जनता को धोखा दे रही है। रवि घोष ने यह भी जोड़ा कि इस पूरी योजना में “राम जी का नाम तक नहीं है” और भाजपा व आरएसएस जब भी मौका मिलता है, जनता को धोखा देते हैं।
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