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भास्कर न्यूज | सिहावा माघी पूर्णिमा पर सिहावा स्थित कर्णेश्वर महादेव मंदिर परिसर में 2 फरवरी को आस्था और लोक संस्कृति का संगम रहा। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुरूप आयोजित प्रसिद्ध कर्णेश्वर देव मड़ई मेला धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना, बल्कि छत्तीसगढ़ की आदिवासी एवं लोक सांस्कृतिक विरासत का जीवंत मंच भी सिद्ध हुआ। कर्णेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा सभी देवी-देवताओं का पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ स्वागत किया गया। ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता, वरिष्ठ ट्रस्टी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस सहित अन्य पदाधिकारियों ने फूल-मालाएं, नारियल एवं प्रसाद अर्पित कर श्रद्धापूर्वक सम्मान किया। मेले में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से देर-रात तक भक्त लंबी कतारों में लगकर भगवान कर्णेश्वर महादेव सहित समस्त देवी-देवताओं के दर्शन करते रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं ने सेवा भाव से भीड़ प्रबंधन और मार्गदर्शन में सक्रिय भूमिका निभाई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राथमिक उपचार शिविर लगाया गया, जबकि नगर पंचायत नगरी द्वारा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित की गई। कुल मिलाकर, कर्णेश्वर देव मड़ई मेला इस वर्ष भी आस्था, परंपरा, लोक विश्वास और सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनकर उभरा। यह मेला न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि सिहावा अंचल की सांस्कृतिक पहचान व सामाजिक एकता है। मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ मनोरंजन और व्यापारिक गतिविधियां भी चरम पर रहीं। क्राफ्ट बाजार, मीना बाजार, पारंपरिक हाट, विभिन्न प्रकार के झूले, मौत का कुआं जैसे रोमांचक मनोरंजन साधन लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। दुकानों पर दिनभर भीड़ रही और जमकर खरीदारी हुई, जिससे स्थानीय व्यापारियों में खासा उत्साह देखा गया। रात्रि में कर्णेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम रंग झरोखा नाइट ने मेले की शोभा को और बढ़ा दिया। लोक नृत्य, लोक गीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा। कार्यक्रम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिली। इस आयोजन में सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक रंजना साहू, लक्ष्मी ध्रुव सहित अन्य जनप्रतिनिधि रहे।
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